जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : प्री-बजट की बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष विधायकों ने अपनी मांगों को रखा। विधायकों ने अपने हलके में शिक्षा के स्तर को सुधार लाने और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए एक खाका तैयार किया जा रहा है।

थानेसर के विधायक सुभाष सुधा ने मुख्यमंत्री के समक्ष मांग रखी कि थानेसर में स्कूलों की चहार दीवारी पुराने समय से बनी हुई है जिसकी ऊंचाई कम है, बाहर सड़क ऊंची बन चुकी है। चारदीवारी को ऊंचा व नया बनाया जाना है। इसके साथ-साथ स्कूलों के भवन का लेवल भी नीचा है, बरसात के मौसम में पानी भर जाता है, पहली से 8वीं कक्षा तक के बच्चों के खेलकूद के मैदान बनाए जाने है। पहली से 8वीं कक्षा तक के बच्चों की फीस के रूप में सरकार अध्यापक को 36 से 40 रुपये प्रति बच्चा फंड मिलता था जोकि स्कूल फंड में जमा होता था वो भी जमा कराया जाए, स्कूलों की लाइब्रेरी में किताबें रखने के लिए अलमारी के लिए बजट उपलब्ध करवाया जाए, स्कूलों में बच्चों के बैठने के लिए नया फर्नीचर उपलब्ध करवाया जाए। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस बार बजट में राज्य सरकार की तरफ से थानेसर हल्के में शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अन्य क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। फोटो संख्या : 39

मकानों व दुकानों के ऊपर से हाई वोल्टेज तारों को हटाने की रखी मांग

शाहाबाद के विधायक रामकरण काला ने मकानों व दुकानों के ऊपर से हाई वोल्टेज तारों को हटाने की मांग रखी है। खेतों में लगे ट्रांसफार्मर चोरी होने पर राशि का भुगतान बीमा कंपनी दे, क्योंकि किसान की फसल का बीमा कंपनी ने राशि लेकर किया हुआ है। इसके साथ ही जोहड़ों की खुदाई एक बार मशीन से कराई जाए और जहां जरूरत है वहां चार दीवारी की जाए। वहीं वक्फ बोर्ड की जमीन पर रह रहे लोगों को जायज रेट पर जमीन दी जाए। इसके साथ शाहाबाद क्षेत्र की प्रमुख दादूपुर नलवी नहर को चलाने की मांग की। इसके साथ ही बड़े गांवों में स्कूलों को 12 तक करने तथा पूरे प्रदेश में सरकारी स्कूलों का एक रंग हो।

Posted By: Jagran

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