जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : दूसरे लॉकडाउन में अनाज मंडी में गेहूं की खरीद पर संशय बना हुआ है। पहले खराब मौसम का हवाला देते हुए उठान में तेजी लाने के लिए तीन मई तक खरीद बंद की गई थी। उसके बाद तीन मई से नौ मई तक लॉकडाउन में खरीद बंद कर दी गई। अब लॉकडाउन की समयावधि 17 मई तक के लिए बढ़ गई है। ऐसे में खरीद शुरू न होने पर किसान और आढ़तियों ने सरकार से कई बार गेहूं की खरीद करने की मांग भी की है। अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया जा सका है।

जिले भर की अनाज मंडियों से विभिन्न खरीद एजेंसियों ने 29 मार्च तक 58 लाख 90 हजार 530 क्विंटल गेहूं की खरीद की है। इस खरीदी गई गेहूं का सही समय पर उठान न होने और मौसम के बार-बार खराब होने पर सरकार की ओर से 29 मार्च को खरीद रोक दी गई। तीन मई तक खरीद बंद रखने के बाद चार मई से खरीद करने की बात कही गई थी। लेकिन लॉकडाउन की अवधि बढ़ाए जाने पर यह अभी तक शुरू नहीं हो पाई है।

कई जगहों से पहुंची है पछेती गेहूं

बाबैन और लाडवा अनाज मंडी से कई बार इस गेहूं को खरीदने की मांग उठ चुकी है। आढ़तियों ने कहा कि उनके पास कई किसानों की गेहूं बाद में पहुंची है। इस गेहूं की भी खरीद की जानी चाहिए। बाबैन अनाज मंडी के प्रधान लाभ सिंह अंटाल और थानेसर की नई अनाज मंडी से आढ़ती पवन कुमार ने कहा कि बाद में पहुंची गेहूं की खरीद होने पर ही आढ़ती का काम निपटेगा। कई आढ़तियों के पास बाद में पहुंची गेहूं पड़ी है।

बाबैन में खरीद एजेंसियों के कट्टों में ही भर दी गेहूं

बताया जा रहा है कि बाबैन में कई आढ़तियों ने इस गेहूं को खरीद एजेंसियों के कट्टों में ही भर दिया है। मंगलवार को मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने इस पर एतराज जताते हुए उद्घोषणा भी करवाई है।

वर्जन :

उच्चाधिकारियों ने बाद में पहुंची गेहूं की जानकारी मंगवाई है। खरीद बंद होने के बाद अनाज मंडी में पहुंची गेहूं की पूरी डिटेल तैयार कर भेजी जाएगी। एक दो दिन में इसकी खरीद करने के आदेश मिल सकते हैं।

हरजीत सिंह

थानेसर मार्केट कमेटी के सचिव