जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र :

संत निरंकारी मिशन के शाखा संयोजक महात्मा मास्टर गुरुचरण ¨सह ने कहा कि ज्ञान के बिना जीवन कुछ नहीं जो सतगुरु के चरणों रहकर जीवन बिताते है, उनका जीवन सुख व शांति में बीतता है। ज्ञान के बिना तो जीवन ऐसा होता है, जैसे पानी में मधानी, पानी में से माखन नहीं निकलता, इसलिए ज्ञान होना जरूरी है।

महात्मा गुरचरण ¨सह संत निरंकारी सत्संग भवन में आयोजित साप्ताहिक सत्संग में प्रवचन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ज्ञान सतगुरु के द्वारा ही मिलता है, जब ज्ञान हो जाता है तो मानव इंसान का जीवन जीने लगता है। किसी को अपने कल का पता नहीं होता कि कल हम जीवित रहेंगे या नहीं, इसलिए संत महात्मा कहते हैं कि मनुष्य तू समय रहते संभल जा, इस जीवन में रहते निरकार प्रभु परमात्मा को जान ले मनुष्य जन्म आखरी पौड़ी है। परमात्मा की पहचान करने के लिए दोबारा ये समय वापसी नहीं आने वाला, सबका दाता एक है। इसकी पहचान कर ले जब पहचान हो जाती है फिर गुरसिख का जीवन बन जाता है। गुरु के चरणों में ही जीवन सफल हो सकता है और कोई रस्ता नहीं है। इस दौरान मंच का संचालन अश्वनी सोही ने किया। संत निरंकारी शाखा के सहसंयोजक केवल कृष्ण अरोड़ा व सेवादल के संचालक बाल किशन मस्ताना ने भी विचार रखे।

Posted By: Jagran

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