जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में मंगलवार को हुई कार्यकारिणी परिषद की बैठक में विश्वविद्यालय में परीक्षा नियंत्रक व तीन सहायक कुलसचिवों की नियुक्ति पर अपनी मुहर लगा दी है। कार्यकारिणी परिषद के इस फैसले से विश्वविद्यालय में एक अन्य परीक्षा नियंत्रक व सहायक कुलसचिवों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया। कार्यकारिणी परिषद ने छह विभागों के सात शिक्षकों की प्रमोशन पर भी कार्यकारिणी परिषद ने अपनी मुहर लगा दी। कुलपति डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा की अध्यक्षता में हुई बैठक में अंकेश्वर प्रकाश को परीक्षा नियंत्रक नियुक्त किया गया है।

बैठक में डॉ.दीपक शर्मा, डॉ.जितेंद्र जांगड़ा व संदीप कुमार को सहायक कुलसचिव पद पर नियुक्ति को अनुमति प्रदान की है। साथ ही जनसंचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी संस्थान की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.बिदू शर्मा को प्रोफेसर, इंस्टीट्यूट ऑफ इंटीग्रेटिड स्टडीज के डॉ.आनंद कुमार, माइक्रोबॉयोलॉजी विभाग के डॉ. बलजीत सहारण व डॉ.नीरज, विधि विभाग के डॉ.सीआर जिलोवा, सांख्यिकी विभाग के डॉ.मुकेंद्र कादियान व रसायन शास्त्र विभाग के डॉ.हरदीप आनंद की एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर पदोन्नति पर कार्यकारिणी ने अपनी मुहर लगाई है। बैठक में विश्वविद्यालय में एसएफएस स्कीम के तहत कार्य कर रहे शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग का लाभ देने, राज्य सरकार के निर्देशानुसार ईडब्ल्यूएस के तहत 10 प्रतिशत आरक्षण देने के फैसले को स्वीकार किया है। बैठक में कैथल के कलायत में स्थित श्रीकपिल मुनि राजकीय महिला महाविद्यालय को अस्थायी मान्यता देने, वर्ष 2019-20 के लिए प्राइवेट डॉक्टर्स के पैनल को भी कार्यकारिणी परिषद ने पारित कर दिया है। संस्कृत विभाग में डॉ.विभा अग्रवाल की नियुक्ति को कन्फर्म किया गया है। बॉक्स

ग्रेच्युटी की अपर लिमिट 20 लाख की

लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए प्राप्त हुए आवेदनों को स्वीकार करते हुए उन्हें भी कार्यकारिणी परिषद ने अनुमति प्रदान की है। इसके साथ ही एनसीटीई की ओर जारी गाइडलाइन्स को स्वीकार करने सहित कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को मिलने वाली ग्रेच्युटी की अपर लिमिट राज्य सरकार के दिशानिर्देशानुसार 20 लाख रुपये कर दी गई है। अब कर्मचारियों को सेवा निवृत्ति के समय इसका लाभ मिल सकेगा। बॉक्स

चर्चा में रहा परीक्षा नियंत्रक का मामला

कई महीने से कुवि में परीक्षा नियंत्रक की नियुक्ति का मामला चर्चा में रहा है। मंगलवार को हुई कार्यकारिणी परिषद की बैठक में अंकेश्वर प्रकाश को परीक्षा नियंत्रक नियुक्त किया गया है। बता दें कि विश्वविद्यालय में परीक्षा नियंत्रक के तीन पद थे। एक पर डॉ.हुकम सिंह रंगा कार्यरत हैं। यह दूसरी नियुक्ति हुई है। फरवरी माह में प्रदेश सरकार के वित्त विभाग के ओर से दो पर खत्म करने संबंधी पत्र भी जारी हुए, लेकिन कुवि का अपना स्टैंड रहा और यह लिफाफा खुला। विश्वविद्यालय प्रशासन का तर्क है कि जिस तरह से वर्कलोड बढ़ा है, उसके लिए यह नियुक्ति आवश्यक थी। सेमेस्टर सिस्टम लागू होने, डबल परीक्षा शाखा और ऑनलाइन सिस्टम के चलते यह वर्कलोड बढ़ा।

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Jagran