कुरुक्षेत्र में सुंदरपुर की तरफ से गुजरेगा दिल्ली-अमृतसर हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, भूमि अधिग्रहण के नोटिस पहुंचे
कुरुक्षेत्र में दिल्ली-अमृतसर हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए तीसरी और चौथी रेलवे लाइन बिछाने की तैयारी तेज हो गई है।

- तीसरी-चौथी रेलवे लाइन बिछाने की तैयारी तेज (फाइल फोटो)
HighLights
कुरुक्षेत्र से गुजरेगा दिल्ली-अमृतसर हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर।
सुंदरपुर, पलवल गांवों में भूमि अधिग्रहण के नोटिस जारी।
नई रेल लाइनों से पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा।
फोटो संख्या : 4, 6
- तीसरी-चौथी रेलवे लाइन बिछाने की तैयारी तेज
- सुंदरपुर में 0.4470 हेक्टेयर भूमि होगी अधिगृहित, गांव पलवल का रकबा भी शामिल
विनोद चौधरी, जागरण, कुरुक्षेत्र :
गीता की नगरी कुरुक्षेत्र में रेलवे की तस्वीर में जल्द अब बड़ा बदलाव आने वाला है। दिल्ली-पानीपत-अंबाला रेलखंड पर तीसरी और चौथी रेलवे लाइन बिछाने की तैयारी के बीच कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन से गांव सुंदरपुर की तरफ दिल्ली-अमृतसर हाई-स्पीड रेल कारिडोर के गुजरने का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने पर गांव सुंदरपुर में करीब 0.4470 हेक्टेयर भूमि के लिए संबंधित लोगों को नोटिस पहुंच गए हैं। वहीं गांव पलवल में भी भूमि अधिग्रहण संबंधी नोटिस पहुंचे हैं। इसी जमीन पर तीसरी और चौथी रेलवे लाइन बिछाई
जाएगी, जो कुरुक्षेत्र में पर्यटन और काम-काज में बड़ा बदलाव लाने का काम करेगी।
रेलवे के इस विस्तार को कुरुक्षेत्र के लिए आने वाले वर्षों में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। तीसरी और चौथी लाइन बनने से दिल्ली, पानीपत और अंबाला के बीच रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी। वहीं मालगाड़ियों के लिए अलग कारिडोर मिलने से मौजूदा रेल लाइनों पर यात्री ट्रेनों के संचालन का दबाव कम होगा। इसका सीधा असर ट्रेनों की आवाजाही और रेल परिचालन की गति पर पड़ेगा।
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पर्यटन और कारोबार को मिल सकता है नया ट्रैक
- कुरुक्षेत्र की पहचान केवल धार्मिक नगरी के रूप में नहीं, बल्कि प्रमुख पर्यटन केंद्र के तौर पर भी है। रेलवे नेटवर्क मजबूत होने से देशभर से धर्मनगरी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही को सहूलियत मिलेगी। इसके साथ ही माल परिवहन की क्षमता बढ़ने से क्षेत्र के व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है।
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नोटिस पहुंचते ही बढ़ी हलचल
- गांव सुंदरपुर निवासी एवं थानेसर मार्केट कमेटी के चेयरमैन सुरेश सैनी कुक्कू ने बताया कि भूमि अधिग्रहण के नोटिस पहुंचने के बाद गांव पलवल और सुंदरपुर में परियोजना को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब लोगों की नजरें अधिग्रहण की आगामी प्रक्रिया, मुआवजे और निर्माण कार्य शुरू होने पर टिकी हैं। योजना निर्धारित गति से आगे बढ़ती है तो आने वाले समय में कुरुक्षेत्र रेलवे के नक्शे पर एक और महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में उभर सकता है।
- तीसरी-चौथी रेलवे लाइन बिछाने की तैयारी तेज
- सुंदरपुर में 0.4470 हेक्टेयर भूमि होगी अधिगृहित, गांव पलवल का रकबा भी शामिल
विनोद चौधरी, जागरण, कुरुक्षेत्र :
गीता की नगरी कुरुक्षेत्र में रेलवे की तस्वीर में जल्द अब बड़ा बदलाव आने वाला है। दिल्ली-पानीपत-अंबाला रेलखंड पर तीसरी और चौथी रेलवे लाइन बिछाने की तैयारी के बीच कुरुक्षेत्र रेलवे स्टेशन से गांव सुंदरपुर की तरफ दिल्ली-अमृतसर हाई-स्पीड रेल कारिडोर के गुजरने का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने पर गांव सुंदरपुर में करीब 0.4470 हेक्टेयर भूमि के लिए संबंधित लोगों को नोटिस पहुंच गए हैं। वहीं गांव पलवल में भी भूमि अधिग्रहण संबंधी नोटिस पहुंचे हैं। इसी जमीन पर तीसरी और चौथी रेलवे लाइन बिछाई
जाएगी, जो कुरुक्षेत्र में पर्यटन और काम-काज में बड़ा बदलाव लाने का काम करेगी।
रेलवे के इस विस्तार को कुरुक्षेत्र के लिए आने वाले वर्षों में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। तीसरी और चौथी लाइन बनने से दिल्ली, पानीपत और अंबाला के बीच रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी। वहीं मालगाड़ियों के लिए अलग कारिडोर मिलने से मौजूदा रेल लाइनों पर यात्री ट्रेनों के संचालन का दबाव कम होगा। इसका सीधा असर ट्रेनों की आवाजाही और रेल परिचालन की गति पर पड़ेगा।
पर्यटन और कारोबार को मिल सकता है नया ट्रैक
- कुरुक्षेत्र की पहचान केवल धार्मिक नगरी के रूप में नहीं, बल्कि प्रमुख पर्यटन केंद्र के तौर पर भी है। रेलवे नेटवर्क मजबूत होने से देशभर से धर्मनगरी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही को सहूलियत मिलेगी। इसके साथ ही माल परिवहन की क्षमता बढ़ने से क्षेत्र के व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है।
नोटिस पहुंचते ही बढ़ी हलचल
- गांव सुंदरपुर निवासी एवं थानेसर मार्केट कमेटी के चेयरमैन सुरेश सैनी कुक्कू ने बताया कि भूमि अधिग्रहण के नोटिस पहुंचने के बाद गांव पलवल और सुंदरपुर में परियोजना को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब लोगों की नजरें अधिग्रहण की आगामी प्रक्रिया, मुआवजे और निर्माण कार्य शुरू होने पर टिकी हैं। योजना निर्धारित गति से आगे बढ़ती है तो आने वाले समय में कुरुक्षेत्र रेलवे के नक्शे पर एक और महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में उभर सकता है।
