कुरुक्षेत्र, जागरण संवाददाता: सेक्टर! नाम लेने में ही स्टेटस का पता चलता है। बात सड़कों की करें तो कालोनी से भी बदतर हैं। सड़कों का यह हाल कहीं और नहीं बल्कि धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के सेक्टरों में सड़कों का है। यहां सड़कों में गड्ढे नहीं बल्कि गड्ढों में सड़क नजर आती है। कईं सड़कों की हालात तो ऐसी हो गई हैं कि सेक्टरवासियों को घर से निकलने के लिए रास्ते के बारे में सोचना पड़ता है।

यह बात नहीं है कि नगर परिषद ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से सेक्टर मिलने के बाद सड़कों की मरम्मत या निर्माण का काम नहीं किया। सड़कों का मुद्दा हर महीने होने वाली सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में भी रखा जाता है। इसके आगे भी कई बार प्रस्ताव बनें और उद्घाटन भी किए, लेकिन सड़कों की स्थिति आज तक नहीं सुधर पाई। शायद ही कोई सेक्टर हो। जिसकी सड़क साफ सुथरी यानी माडल कही जाने वाली हो।

नवरात्र के साथ त्योहारी सीजन शुरू हो जाता है। दशहरा, करवा चौथ और दीपावली इसी महीने हैं। लोगों का अपने घरों और रिश्तेदारों के यहां आना-जाना भी होगा। दैनिक जागरण ने धर्मनगरी कुरुक्षेत्र के सेक्टरों की सड़कों की शुक्रवार को पड़ताल की। सेक्टरों में सड़कों की हालात खस्ता बनी हुई है। ऐसे में गड्ढों से बचने के लिए हादसे होने के खतरे भी बढ़ गए हैं।

पांच सड़कों की पड़ताल

मौका नंबर-एक : सेक्टर-4 की चौबीस मीटर सड़क में गड्ढे ही गड्ढे हैं। स्थानीय लोगों की मानें तो पिछले दिनों से इस सड़क के गड्ढे तक नहीं भरे जा सके हैं। यह सड़क सेक्टर-4 को जिंदल सिटी से जोड़ती है। लोग यहां से निकलने की बजाय दूसरे रास्ते पर ही चलना पसंद करते हैं।

मौका नंबर-दो : केडीबी रोड से जीटी रोड को जाने वाली उमरी सड़क खस्ता हो गई है। इसी सड़क पर प्रदेश की एकमात्र आयुष विश्वविद्यालय, राजकीय आयुर्वेदिक कालेज, दो बड़े स्कूल व सेक्टर-4 पालीक्लीनिक है। पालीक्लीनिक से आगे सड़क टूटी पड़ी है। इस सड़क से पैदल भी निकल पाना मुश्किल हो गया है।

मौका नंबर-तीन : सेक्टर-29 और 30 का डिवाइडर रोड टूटा पड़ा है। जिंदल के बाहर सड़क का उद्घाटन पिछले दिनों किया गया था। स्थानीय लोगों के आगे आने पर ठेकेदार कुछ काम करता है, लेकिन फिर बंद कर देता है। सड़क का लेवल भी नीचे कर दिया है। इससे जिंदल सिटी, सेक्टर-30 को आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होती है।

मौका नंबर-चार : सेक्टर-29 और सेक्टर-चार का डिवाइडर रोड चार साल से खस्ता है। पिछले दिनों नगर परिषद ने सड़क का टेंडर जारी किया था। इसकी एक साइड पर रोड़े डालकर छोड़ दिया गया है। ऐसे में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

मौका नंबर-पांच : पिपली रोड से बस स्टैंड के साथ लघु सचिवालय को जाने वाली सड़क खस्ता है। यहां मोड़ पर मुड़ते ही सड़क का एक हिस्सा टूटा पड़ा है। इससे सेक्टर-13 के स्थानीय लोग और लघु सचिवालय व कोर्ट को जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रशासनिक व दूसरे अधिकारी भी इसी सड़क से आते-जाते हैं।

सड़कों की परेशानी शहरवासियों की जुबानी

सेक्टर-3 की मुख्य और कई अन्य सड़कें खस्ता हैं। इसके अलावा अन्य सेक्टरों में भी सड़कों की स्थिति दयनीय हो गई है। घर से निकलते ही गड्ढों का सामना करना पड़ता है। पूरे रास्तेभर दोपहिया या गाड़ी में झटके लगते हैं। इनमें जान का भी खतरा रहता है। -गुलशन, निवासी सेक्टर-3

शहर के सेक्टरों की सड़क बिल्कुल टूट चुकी हैं। यहां से गाड़ी या पैदल भी निकल पाना मुश्किल है। त्योहारी सीजन में भी लोगों को कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है। अधिकारी सड़कों जैसी मुलभूत सुविधा तक नहीं दे पा रहे हैं। यह सब चिंता का विषय है। -वरुण गुप्ता, निवासी, सुंदरपुर

सीधी बात : सुरेंद्र सिंह, एक्सईएन, नगर परिषद

प्रश्न : सेक्टरों की सड़कों के बुरे हाल हैं। कई जगह तो गड्ढों में सड़क दिखाई तक नहीं दे रही।

उत्तर : सेक्टरों की कई सड़कों के एस्टीमेट बनाए गए हैं। इनकी जल्द ही अप्रूवल ली जाएगी।

प्रश्न : नप अब तक सड़कों को बनाने और तोड़ने में ही लग रहा है। ऐसा क्यों?

उत्तर : कई सड़कों के एस्टीमेट पुराने हैं। ठेकेदार उक्त राशि में काम नहीं कर रहे। ऐसे में एस्टीमेट दोबारा बनाया जाएगा।

प्रश्न : इन सड़कों के दोबारा एस्टीमेट कब तक बन जाएंगे?

उत्तर : इनके एस्टीमेट रिवाइज किए जा रहे हैं। जल्द ही प्रोसेस में लाए जाएंगे।

प्रश्न : उमरी रोड पर गड्ढों के चलते बुरे हाल हैं। इस पर पीछे पेचवर्क भी किया था। इतनी जल्दी सड़क टूट गई।

उत्तर : उमरी चौक का पहले पेचवर्क का एस्टीमेट बनाया था, लेकिन सड़क ज्यादा खराब है।

प्रश्न : उमरी चौक का फिर क्या किया जाएगा?

उत्तर : उमरी चौक का नवनिर्माण किया जाएगा। इसका जल्द ही एस्टीमेट बनाया जाएगा।

Edited By: Jagmahender singh

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