संवाद सहयोगी, शाहाबाद: मां-बेटे का एक्सग्रेशिया के तहत शुगर मिल में नौकरी लेने का अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को तीसरे दिन में प्रवेश कर गया। कठवा से मामचंद व कर्मबीर ने धरने को समर्थन दिया। जबकि दूसरे दिन आरटीआइ कार्यकर्ता सुखविद्र कंबोज व रविद्र सिंह नलवी उनकी टीम ने धरने पर बैठे सुनीता रानी व अजय को समर्थन दिया था।

शाहाबाद का अजय कुमार अपनी मां सुनीता रानी के साथ शुगर मिल गेट के आगे धरने पर बैठा है। वह एक्सग्रेशिया के तहत मिल में नौकरी की मांग कर रहा है। उन्होंने बताया कि उसके पिता जयकिशन 1985 से शुगरमिल में मशीनिस्ट के पद पर कार्यरत थे और उनकी मृत्यु 7 फरवरी 2011 को हो गई थी। उनको एक्सग्रेशिया के तहत नौकरी नहीं दी गई। अब उनको पांच लाख रुपये की सहायता राशि देने की बात कही जा रही है। यह उनके अधिकारों का हनन है।

Posted By: Jagran

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