जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआइटी) में भौतिकी विज्ञान विभाग की ओर से ऊर्जा भंडारण उपकरणों विषय पर साप्ताहिक पाठ्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के सीनेट हॉल में शनिवार को किया गया। संस्थान के डीन (शोध व परामर्श) प्रो. ब्रह्मजीत सिंह उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि थे। उन्होंने बताया कि अक्षय ऊर्जा उत्पादन और भंडारण की मांग तेजी से बढ़ रही है। हालांकि सामान्य रूप से नैनोमीटर सामग्री उनके थोक काउंटर भागों की तुलना में गुणों में सुधार करती है, लेकिन सभी नैनोमीटर सामग्री ऊर्जा उत्पादन और भंडारण के लिए उपयुक्त नहीं हैं। यह प्रशिक्षण पाठ्यक्रम जो कि 19 अक्टूबर को शुरू हुआ और 23 अक्टूबर तक जारी रहेगा। इस प्रकार के महत्वपूर्ण नैनोमीटर पर ध्यान केंद्रित करेगा। देश के शीर्ष संस्थानों व विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ छात्रों और संकाय सदस्यों को नैनोमीटर, ऊर्जा उत्पादन और भंडारण के विभिन्न बुनियादी बातों के बारे में प्रशिक्षित करेंगे। भारत के 14 विश्वविद्यालयों से भाग लेने के लिए लगभग 36 उम्मीदवारों को चुना गया है। इस कार्यक्रम का आयोजन संस्थान के डॉ.आरपी चौहान, डॉ.अनुराग गौड़, डॉ.प्रकाश चंद और डॉ.अशोक कुमार के महत्वपूर्ण योगदान द्वारा किया जा रहा है। कार्यक्रम के पहले दिन के वक्ताओं में आइआइटी रुड़की के डॉ.वाइके शर्मा और एनआइटी कुरुक्षेत्र के डॉ.अनुराग गौड़ ने दुनिया के बाकी हिस्सों की तुलना में भारत में नैनोमीटर और ऊर्जा भंडारण उपकरणों के भविष्य के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर प्रो.ब्रह्मजीत सिंह और प्रो.आरपी चौहान ने प्रतिभागियों को ऊर्जा भंडारण उपकरणों पर अपने शोध पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। यह कार्यक्रम टीईक्यूआइपी-3 द्वारा प्रायोजित किया गया था। इस अवसर पर प्रो.रवि कंठ, प्रो. मिनाती बराल और प्रो.अश्वनी कुमार उपस्थित थे।

Posted By: Jagran

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