संवाद सहयोगी, बाबैन : प्रदेश सरकार ने कोरोना पीड़ित लोगों के जीवन को बचाने व बढ़ते संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए बाबैन खंड के कई गांवों में कोविड आइसोलेशन सेंटर बनाए हैं ताकि अस्पताल की बजाय पीड़ित मरीज के घर के नजदीक ही उसका इलाज हो सके और गांवों में महामारी और अधिक पांव ना पसार सकें।

यह बात उप-मंडल अधिकारी पंचायती राज लक्ष्मीकांत ने गांव कसीथल, टाटका व बीड़ सुजरा सहित कई गांवों में कोविड आइसोलेशन सेंटरों का दौरा करने के बाद कही। उन्होंने कहा कि लोगों को चाहिए कि वे कोरोना महामारी को खत्म करने में अपना रचनात्मक सहयोग करें और अपने घरों से कम से कम बाहर निकलें। लोगों को भीड़ भाड़ वाली जगह जाने से बचना चाहिए और एक दूसरे से दो गज की दूरी बनाने के साथ ही हमेशा ही मास्क का प्रयोग करना चाहिए। गांवों में धीरे-धीरे महामारी बढ़ने लगी है। जिसे रोकने के लिए ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। इस मौके पर कसीथल के सरपंच सुभाष चंद, टाटका के सरपंच पति विक्रम, बीड़ सूजरा के सुमित कुमार व ग्राम सचिव संदीप कुमार मौजूद रहे।

जरूरतमंदों को ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचा रही रेडक्रॉस सोसाइटी

जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : कोरोना की दूसरी लहर में रेडक्रॉस सोसाइटी जरूरतमंदों के लिए मददगार साबित हो रही है। पानी की बोतल से लेकर ऑक्सीजन सिलेंडर तक जरूरतमंदों तक पहुंचाया जा रहा है।

रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव रणदीप सिंह ने बताया कि प्रशासन के मार्गदर्शन में संस्थाओं और स्वयंसेवकों के सहयोग से घर मे आइसोलेट कोरोना पीड़ितों को आवश्यकता अनुसार ऑक्सीजन सिलेंडर की डिलीवरी लगातार की रहा है। इसके साथ पानी की बोतल भी दी जा रही है। मरीजों को इंटरनेट मीडिया पर इनके प्रयोग की वीडियो भी भेजी जा रही है। इससे उनको ऑक्सीजन सिलेंडर को प्रयोग करने में आसानी मिल रही है।

मास्क व सैनिटाइजर देने में लगे

सहायक सचिव रमेश चौधरी ने बताया कि शनिवार को 150 लोगों को मास्क, सैनिटाइजर व साबुन बांटे गए। स्लम एरिया व विभिन्न गांवों में स्वयंसेवक लगातार पहुंच रहे हैं। इसके साथ लोगों को कोरोना की गाइडलाइदन बताकर जागरूक किया जा रहा है।

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