संवाद सहयोगी, शाहाबाद : कुरुक्षेत्र के सांसद नायब सिंह सैनी के घेराव के मामले में पुलिस की कार्रवाई के विरोध में किसानों ने प्रदर्शन क शाहाबाद पुलिस थाने के सामने प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और पुलिस प्रशासन पर सरकार के दबाव में किसानों के खिलाफ कार्रवाई करने के आरोप लगाए। किसानों ने इससे पहले पंचायत की। इसमें सरकार की अनदेखी पर रोष प्रकट किया।

भाकियू के प्रदेश प्रवक्ता राकेश बैंस व जसबीर सिंह मामूमाजरा ने कहा कि शाहाबाद पुलिस ने दबाव में आकर लोकतंत्र की हत्या करने का काम किया है और बिना किसी सबूत के उन्होंने शाहाबाद के चार किसानों के खिलाफ पहले धारा 307 लगाई। इसके बाद उसे 308 में बदल दिया गया। उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर नजर आ रहा है कि सरकार जबरन और पुलिस की मदद से किसानों की आवाज दबाना चाहती है। किसान चुप नहीं बैठेंगे और जब तक कृषि कानून रद नहीं होते तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी। इससे पहले किसान शाहाबाद के शहीद उधम सिंह स्मारक हाल में एकत्रित हुए और वहां से रोष प्रदर्शन करते हुए पुलिस स्टेशन पहुंचे। वहां पहुंचे किसानों ने डीएसपी आत्मा राम पुनिया व डीएसपी गुरमेल सिंह से बातचीत की। उसके बाद किसानों ने प्रदेश सरकार का पुतला फूंक कर अपना विरोध जताया।

यह है मामला

गौरतलब है कि छह अप्रैल को शाहाबाद में किसानों ने कुरुक्षेत्र के सांसद नायब सैनी का घेराव किया था और इस दौरान सांसद की गाड़ी का शीशा भी टूट गया था। इस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने धारा 307 सहित अन्य धाराओं के तहत शाहाबाद के चार किसानों गुरविदर सिंह निवासी गांव मामूमाजरा, कुलविदर सिंह निवासी शाहाबाद मोहल्ला माजरी, केहर सिंह गांव दामली और हाकम सिंह निवासी गांव रतनगढ़ को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तार कर जेल भेजे गए चारों किसानों को वीरवार को ही जमानत मिल गई है। समाचार लिखे जाने तक उनकी रिहाई की प्रक्रिया चल रही थी।

Edited By: Jagran