जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : ब्रह्मसरोवर के तट पर जयराम विद्यापीठ में गीता जयंती महोत्सव 2019 के उपलक्ष्य में ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी के सानिध्य में भागवत पुराण की कथा प्रारंभ हुई। कथा के पहले दिन महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी शाश्वतानंद, भारत माता मन्दिर के महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद, महंत बुध सिंह निर्मल अखाड़ा तथा महंत ब्रह्म दास सहित संत महापुरुष विद्यापीठ में पहुंचे। कथा श्रवण करने थानेसर के विधायक सुभाष सुधा, पूर्व मंत्री अशोक अरोड़ा, देवेंद्र शर्मा, पूर्व विधायक रमेश गुप्ता, पवन गर्ग भी पहुंचे। कथा से पूर्व दक्षिणमुखी हनुमान मंदिर से विद्यापीठ तक भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। शोभा यात्रा में ब्रह्मस्वरूप ब्रह्मचारी के साथ विख्यात कथावाचक भागवत भास्कर आचार्य श्याम भाई ठाकर, भागवत कथा यजमान नरेला से नरेंद्र कृष्ण शर्मा, सुनीता शर्मा, अनीता शर्मा, आकाश शर्मा, नितिन शर्मा और उनके परिजन भी मौजूद थे। यजमान परिवार की ओर से भागवत पुराण को सिर पर धारण कर कथास्थल तक पहुंचाया गया। कथावाचक आचार्य श्याम भाई ठाकर ने कहा कि हर मनुष्य को सदा समर्पण के साथ भगवान से जुड़े रहना चाहिए न केवल खुद बल्कि अपने परिजनों को भी जोड़े रखना चाहिए। भगवान की मदद से हर काम आसान हो जाता है। भगवान की नजर यदि प्राणी पर नहीं है, तो छोटा सा भी काम भी पहाड़ दिखाई पड़ने लगता है, ऐसा भी नहीं है कि मनुष्य के जीवन में कोई दुख नहीं आएंगे जो आपके भाग्य में लिखा है।

Posted By: Jagran

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