संवाद सहयोगी, बाबैन : वकील पिता से प्रेरणा लेकर बचपन से ही जज बनने का सपना संजोए गांव रामशरण माजरा के युवक ध्रुव सैनी दिल्ली में न्यायिक सेवा में चयनित हुए हैं। उनके जज बनने के सपने को साकार करने में उसकी माता रीना सैनी ने बड़ी भूमिका निभाई है। ध्रुव ने बचपन से ही पूरी तरह ग्रामीण परिवेश में रहते हुए बिना किसी ट्यूशन व कोचिग के दिल्ली ज्यूडिशरी की परीक्षा में 83वां रैंक हासिल कर अपने एडवोकेट पिता सुरेंद्र सैनी व अध्यापिका माता रीना सैनी के साथ-साथ अपने गांव का भी नाम रोशन किया है। बचपन से ही शिक्षा में अग्रणी रहे ध्रुव ने पहली से दस जमा दो तक की शिक्षा लाडवा के संजय गांधी मेमोरियल पब्लिक स्कूल से प्राप्त की थी। लॉ की डिग्री पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ हासिल की थी और अब वहीं पर एलएलएम कर रहे थे। क्रिकेट खेलने के शौकीन रहे उन्होंने विभिन्न प्रतियोगिताओं में अपने गांव रामशरण माजरा की ओर से खेलते हुए अनेकों बार अपनी टीम को जीत दिलाई थी। माता पिता को श्रेय ध्रुव ने दिल्ली में न्यायिक सेवा में चयनित होने का सारा श्रेय अपने माता-पिता को दिया है। अपने एडवोकेट पिता सुरेंद्र सिंह सैनी से उन्हें जज बनने की प्रेरणा मिली थी और माता रीना जो अध्यापिका हैं, ने उस सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ध्रुव सैनी का कहना है कि उन्होंने ग्रामीण परिवेश में रहने के बावजूद शिक्षा ग्रहण करने में अपनी माता के अलावा आज तक किसी संस्थान से कोई कोचिग नहीं ली। उनकी शिक्षा ग्रहण करने में गुलजारी लाल नंदा लाइब्रेरी का भी विशेष योगदान रहा जहां पर उन्होंने देर रात तक बैठ कर अध्ययन किया। सैनी ने कहा कि यदि व्यक्ति के मन में कुछ कर गुजरने के लिए ²ढ़ संकल्प, इच्छा शक्ति और आत्मविश्वास हो तो उसे मुकाम हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता है। उन्होंने गांव के युवाओं को भी आह्वान किया कि वे संसाधनों की कमी को अपने जीवन में आड़े न आने दें, बल्कि ²ढ संकल्प, इच्छा शक्ति और आत्मविश्वास के बल पर आगे बढ़े एक दिन सफलता उनके पांव अवश्य चूमेगी।

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Posted By: Jagran

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