हरियाणा में 15 सितंबर से धान की खरीद को लेकर सीएस अमनीत कुमार से मिले चढ़ूनी, आगामी रणनीति के लिए 16 को बुलाई बैठक
भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह ने चंडीगढ़ में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की प्रधान सचिव से ...और पढ़ें

सीएस अमनीत कुमार से मिले चढ़ूनी। फोटो जागरण
HighLights
गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने 15 सितंबर से धान खरीद की मांग की।
उन्होंने चंडीगढ़ में खाद्य सचिव अमनीत पी. कुमार से मुलाकात की।
16 सितंबर को शाहाबाद मंडी में किसानों की बैठक बुलाई गई।
जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र। धान की सरकारी खरीद 15 सितंबर से शुरू करवाने की मांग को लेकर एक दिन पहले वीडियो जारी कर कड़े तेवर दिखाने के अगले दिन सोमवार को भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह ने चंडीगढ़ पहुंच खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी. कुमार से मुलाकात की है।
इस मुलाकात में उन्होंने प्रधान सचिव के सामने मंडियों में मोटा धान की आवक शुरू होने की जानकारी देते हुए धान और बाजरे की खरीद शुरू करने की मांग की है। वहीं बातचीत के बाद बाहर निकले गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने दैनिक जागरण से बातचीत में 16 सितंबर को शाहाबाद की अनाज मंडी में बैठक बुलाने की बात कही है। उन्होंने बैठक में विचार-विमर्श के बाद आगामी निर्णय लेने की भी बात कही है।
इस अवसर पर उनके साथ कार्यकारी अध्यक्ष कर्म सिंह मथाना और राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश बैंस मौजूद रहे। गौरतलब है कि रविवार को शाहाबाद की अनाज मंडी में पहुंचे गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने रविवार को इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो जारी की थी।
धान बिकवाना भी आता है और उंगली टेढ़ी करनी भी आती है
इस वीडियो में अनाज मंडियों में मोटे धान की आवक दिखाते हुए 15 सितंबर से खरीद शुरू करने की मांग दोहराई थी। इसके साथ ही कड़े तेवर करते हुए यह भी कहा था कि किसानों को अपना धान बिकवाना भी आता है और उंगली टेढ़ी करनी भी आती है।
उन्होंने हर वर्ष किए जा रहे प्रदर्शनों की ओर इशारा करते हुए कहा कि सरकार हर बार ऐसा न करे कि किसान जीटी रोड पर जाकर बैठें, उसके बाद धान की खरीद शुरू की जाए। इस वीडियो के जारी करने के अगले ही दिन उन्होंने चंडीगढ़ में अधिकारियों से भी मुलाकात की है।
इस मुलाकात के बाद 16 सितंबर को शाहाबाद अनाज मंडी में बुलाई गई बैठक में आगामी निर्णय लेने की बात कही है। अंदेशा जताया जा रहा है कि 15 सितंबर तक खरीद शुरू नहीं हुई तो इस बार भी 16 सितंबर की बैठक में किसान कोई कड़ा निर्णय ले सकते हैं।
