संवाद सहयोगी पिपली: पंजाब रोडवेज की बसों के लिए यातायात नियम कोई मायने नहीं रखते। बस चालक प्रशासन के आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए बस अड्डे के बाहर बसों को रोककर सवारी उतारने व बैठाने का काम कर रहे हैं। ऐसे में प्रशासन द्वारा बसों के ठहराव के लिए बनाए गए नियम बौने साबित हो रहे है। प्रशासन लाख कोशिश करने के बावजूद भी प्राइवेट बस चालकों पर नकेल कसने में नाकाम साबित हो रहा है।

राष्ट्रीय राजमार्ग पर राज्य परिवहन व प्राइवेट बस चालक यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते रहते हैं। बस चालकों की धींगामस्ती के चलते पिपली चौक पर घंटों जाम लगने से लोगों को परेशानी होती थी। मीडिया ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए प्रशासन को प्रबंध करने के प्रति उजागर किया था। जिसके बाद प्रशासन ने हरकत में आते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवैध रूप से बस रोकने और जाम की समस्या से निपटने के लिए रणनीति तैयार की थी। शनिवार को परिवहन विभाग के महाप्रबंधक आरके गोयल, यातायात प्रभारी देवेंद्र कुमार व थाना सदर प्रभारी निर्मल ¨सह ने बसों के ठहराव के लिए स्थान तय किए थे। बस ठहराव के स्थान तय होने के बाद राज्य परिवहन की बसें हाइवे बस अड्डे के अंदर जाने लगी, मगर पंजाब रोडवेज के बस चालक नियमों को ठेंगा दिखा रहे है। बस चालक बस अड्डे के बाहर ही बसों को रोककर प्रशासन के आदेशों की धज्जियां उड़ाते नजर आ रहे हैं। रविवार को यह नजारा उस समय देखने को मिला। जब पंजाब और दिल्ली से आने वाली पंजाब रोडवेज व प्राइवेट बस चालक बाहर सड़क पर ही बसों को रोककर यात्रियों को उठाने में उतारने का काम रहे थे। इस बारे में जब यातायात प्रभारी देवेंद्र कुमार से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि नियम सभी बस चालकों पर लागू है। ऐसे में अगर कोई बस चालक तय स्थानों के अलावा अन्य स्थान पर बस रोकेंगे, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Jagran

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