संवाद सहयोगी, लाडवा : अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश महासचिव आशीष फौजदार ने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रदेश में अघोषित अपातकाल जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। सरकार लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने पर तुली हुई है। जो सरकार अपने वायदे पर पूरी न उतर रही हो और किए गए वायदे से बार-बार मुकर जाती हो उसका विरोध संवैधानिक तरीके से किया जाना जनता का मूलभूत अधिकार है।

प्रदेश महासचिव आशीष फौजदार ने लाडवा में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने तीन बार पहले और 17 मार्च 2017 को जाटों के आरक्षण आंदोलन के संबंध में समिति से फैसला किया था और जाटों की सभी मांगें मानने की बात कही थी। इस मामले में वायदा खिलाफी करते हुए सरकार ने आंदोलनकारियों के सभी मामले कोर्ट में फंसाने शुरू कर दिए हैं। जिसके विरोध स्वरूप अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने 16 अगस्त से मुख्यमंत्री एवं कैप्टन अभिमन्यु के विरोध का ऐलान किया हुआ है।सोमवार को वित्तमंत्री के हांसी के गांव उमरा में पहुंचने का विरोध करने वाले लोगों को जबरदस्ती रोका गया और गिरफ्तार किया गया।फौजदार ने कहा कि सरकार के तानाशाही रवैये को सहन नहीं किया जाएगा। या तो जल्द सरकार जाटों की मांगों को मान ले या कड़े विरोध का सामना करने के लिए तैयार रहे। उन्होंने कहा कि सरकार का विरोध फिलहाल हरियाणा के नौ जिलों में ही किया जा रहा है।यदि जरूरत पड़ी और सरकार अपने रवैये से बाज नहीं आई तो ये आंदोलन सारे हरियाणा में सिर्फ एक कोड पर फैला दिया जाएगा। इस बार समिति की रणनीति बिल्कुल गुप्त रखी जाएगी।

Posted By: Jagran

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