विनोद चौधरी, कुरुक्षेत्र : स्लो एंड स्टडी विन्स द रेस कहानी के कछुए से पर्यावरण संरक्षण की जंग जीतने की तैयारी शुरू हो गई है। जी हां, जिस तरह से पोलिथिन धीरे-धीरे पर्यावरण में प्रदूषण बढ़ाता है और धीरे-धीरे यही प्रदूषण मनुष्य को कैंसर की ओर धकेलता है, उसी तरह अब प्रदूषण की इसी कछुआ चाल पर रोक लगाने के लिए धर्मनगरी ने 87,297 पोलिथिन से एक कछुए का स्ट्रक्चर तैयार करने की पहल कर दी है।

सात फुट ऊंचा और 15 फुट लंबा यही कछुआ विश्व भर में प्रदूषण के चलते तेजी से बढ़ती जा रही कैंसर जैसी बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करने काम करेगा। खास बात यह है कि ब्रह्मसरोवर के तट पर तैयार किए जा रहे इस कछुए को 23 नवंबर से शुरू हो रहे अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव और 26 दिसंबर को लगने वाले सूर्य ग्रहण मेले में पहुंचने वाले लाखों लोग भी निहार सकेंगे। यही लोग विश्व भर में पोलिथिन के नुकसान को लेकर जागरूकता भी फैलाएंगे। ऐसे में धीमी गति से चलने वाला एक कछुआ अब पोलिथिन से फैलने वाली भयंकर बीमारी पर भी जीत हासिल करेगा।

सिगापुर में बनाए कछुए को पछाड़ने की तैयारी

इस कछुए तैयार करने में लगी पर्यावरणविद डॉ. ऋतू शर्मा ने बताया कि इससे पहले 68 हजार पोलिथिन बैग से कछुआ तैयार करने का विश्व रिकार्ड सिगापुर के नाम है। अब उन्होंने इससे भी ज्यादा 90 हजार के लगभग पोलिथिन एकत्रित किए हैं। इन पोलिथिन की विधिवत गणना शनिवार को अधिकारियों और वीडियो कैमरे के सामने पूरी हो गई है। अब इन पोलिथिन को इस स्ट्रकचर पर लगाने का काम 12 नवंबर को शुरू किया जाएगा। इस पूरी रिकाíडंग को गीनिज बुक ऑफ व‌र्ल्ड रिकार्ड के लिए भेजा जाएगा।

पोलिथिन का उपयोग बंद करने का देगा संदेश

जिला सूचना एवं विज्ञान केंद्र अधिकारी विनोद सिगला ने कहा कि यही कछुआ कैंसर से बचाव के लिए पोलिथिन का उपयोग बंद करने का संदेश देगा। इस स्ट्रक्चर के साथ ही पोलिथिन से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूकता लाने के लिए बोर्ड भी लगाए जाएंगे, इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव और सूर्य ग्रहण मेले के दौरान वीडियो के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के इस सपने को साकार करने के लिए सैंकड़ों पर्यावरण प्रेमी पिछले दो महीने भर से गलियों, सड़कों, सब्जी मंडियों और कूड़े के ढेरों से पोलिथिन बैग इकट्ठे करने के काम में जुटे हैं। अब तक 87,297 पोलिथिन एकत्रित कर लिए गए हैं।

Posted By: Jagran

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