रवि, बाबैन

कस्बा के सबसे बड़ा गांव बाबैन सीसीटीवी कैमरों से लैस है और गांव की ऐसी कोई गली नहीं है जिसे पक्का न किया गया हो। हालांकि बाबैन कस्बे का सबसे बड़ा गांव होने के चलते यहां पर खेल स्टेडियम और छात्राओं के कॉलेज की मांग अभी भी अधूरी है। मगर विकास की दौड़ में बाबैन दूसरे गांवों से आगे पंक्ति में खड़ा होता है। विशेषता :

बाबैन का नाम बाबैन कैसे पड़ा। इससे पहले यह 52 गांवों का मुख्य केंद्र हुआ करता था जिससे बोनी बोलते थे। बोनी के बाद इससे बाबैन के नाम से जाना जाने लगा। इस गांव की आबादी लगभग 18 हजार के करीब है। गांव में वोट छह हजार के करीब है। गांव में दो नगर खेड़ा, शिव मंदिर, वाल्मीकि मंदिर, गुगामाड़ी, रविदास मंदिर, हनुमान मंदिर, चार गुरुद्वारे हैं। गांव के 800 व्यक्ति सरकारी नौकरी पर है और लगभग 2500 प्राइवेट नौकरी करते हैं। बाबैन में एक थाना, एक तहसील, एक अनाज मंडी, चार सरकारी स्कूल, सात प्राइवेट स्कूल, सरकारी अस्पताल, कम्युनिटी सेंटर, बाबैन पंचायत में 20 पंच, 2 नंबरदार, ग्राम सचिवालय, पंचायत घर है। गांव में सात आंगनबाड़ी, सात पीने के पानी के लिए ट्यूबवेल, किसान रेस्ट हाउस है। गलियां हो चुकी पक्की

ग्रामीण डिपल सैनी ने बताया कि गांव की सभी गलियां पक्की हैं और गांव में हर रोज सफाई करवाई जाती है। बाबैन कस्बे से लगभग 100 गांव से जुड़ा हुआ है यहां पर तहसील में काम करवाने के लिए लोग आते हैं। बाबैन में करोड़ों रुपये के विकास कार्य करवाए। उन्होंने कहा कि गांव में चारों तरफ सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। कॉलेज की मांग

ग्रामीण रीना सैनी का कहना है कि बाबैन में बहुत विकास कार्य हुए हैं, लेकिन बाबैन क्षेत्र के ग‌र्ल्स कॉलेज एक बहुत पुरानी मांग है जिससे सरकार द्वारा जल्द पूरा किया जाना चाहिए ताकि छात्राओं को पढ़ाई के लिए कोई समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि बाबैन क्षेत्र की छात्राओं को पढ़ने के लिए कुरुक्षेत्र व अंबाला जाना पड़ता है। काफी विकास कार्य हुए

ग्रामीण गोल्डी सिगला का कहना है कि गांव में पंचायत द्वारा काफी विकास कार्य करवाए गए हैं। गांव में खेल स्टेडियम की मांग है। सरकार गांव में खेल स्टेडियम बनवाए, ताकि खिलाड़ी खेलों में भी अपना नाम चमका सके। फायर ब्रिगेड की गाड़ी हो तैनात

संजीव कुमार का कहना है कि बाबैन क्षेत्र में फायर ब्रिगेड की बहुत पुरानी मांग है। बाबैन क्षेत्र में अगर कोई आगजनी की अनहोनी होती है तो आग बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड को लाडवा या शाहाबाद से बुलाना पड़ता है। जब तक फायर ब्रिगेड पहुंचती है तब तक काफी नुकसान हो जाता है। बहुत विकास कार्य हुए

कार्यवाहक सरपंच सूर्य सैनी का कहना है कि गांव में बहुत विकास कार्य हुए हैं। गांव में कुछ कार्यों के लिए बजट की आवश्यकता है। विधायक को प्रस्ताव भेजा गया है। पंचायत के पास आ जाएगा उसी समय गांव के विकास कार्यों में लगाया जाएगा।

Posted By: Jagran

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