संवाद सहयोगी, इस्माईलाबाद : ठोल गांव के पास राइस मिल से देसी शराब बनाने की अवैध फैक्ट्री पकड़ने के मामले में एसटीएफ ने गिरफ्तार 16 आरोपितों को रविवार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने दो को रिमांड पर देकर 14 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। एसटीएफ फरार दो मुख्य आरोपितों की तलाश में जगह जगह छापामारी कर रही है। इस मामले में यह भी पता लगाया जा रहा है कि फैक्ट्री के आसपास के एरिया के रहने वाले कितने लोग मामले में शामिल रहे हैं। शराब कहां-कहां सप्लाई की जाती थी। यह भी जांच के दायरे में है कि शराब के गोदाम कहां- कहां पर बनाए गए थे।

एसटीफ ने गिरफ्तार सभी 16 आरोपियों के सरकारी अस्पताल में मेडिकल कराया। इसके बाद सभी को अदालत में पेश किया गया। एसटीएफ ने आरोपियों में से दो ऐसे लोगों को रिमांड पर लिया है, जो शराब का हिसाब-किताब रखते थे, ताकि इनसे शराब की सप्लाई और ढुलाई वाले वाहनों और स्टेशन की पूरी जानकारी हासिल की जा सके। इस मामले में एसटीएफ यह भी जांच रही है कि आरोपियों ने अब तक नकली शराब कितनी तैयार की और इसे कहां-कहां भेजा गया। इसकी पेमेंट कैसे ली जाती थी। मामले में काफी चेहरे ऐसे बताए जा रहे हैं, जिनसे नकाब हटने बाकी है।

सूत्रों के अनुसार पुलिस ने आसपास के सभी जिलों में खुफिया तंत्र सक्रिय कर दिया है। मुख्य आरोपियों की तलाश सरगर्मी से की जा रही है, ताकि मामले की पूरी सच्चाई सामने आ सके। मामले की पल-पल की रिपोर्ट एडीजीपी अपराध पी के अग्रवाल खुद ले रहे हैं। इस मामले में दो आइजी भी शामिल किए गए हैं।

कहां से आते थे लेवल

शराब पर लगने वाले लेवल और खाली बोतलें कहां से आती थीं। ऐसे सवालों के जवाब पुलिस खोज रही है। ऐसा सामान कहां कहां तैयार किया जाता है। पुलिस को आशंका है कि ऐसा सामान एक जगह नहीं बल्कि कई जगहों पर सप्लाई होना भी सामने आ सकता है। पुलिस शराब की असली फैक्ट्रियों से भी संपर्क बनाए हुए है।

खोला जा रहा एक-एक पेंच : राहुल

जांच अधिकारी डीएसपी राहुल देव का कहना है कि मामले का एक-एक पेंच खोला जा रहा है।

Posted By: Jagran

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