जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही चुनावी जिरह तेज हो गई है। हर तरफ चुनावी चर्चाएं हो रही हैं। ऐसे में बुद्धिजीवी वर्ग कैसे पीछे रह सकता है और ये वे लोग हैं, जिनकी जमात से कई बड़े-बड़े राजनीतिज्ञ निकले हैं। हम बात कर रहे हैं अधिवक्ताओं की। अदालत परिसर में प्रत्येक वकील के बस्ते पर चुनाव की चर्चा है, जहां चार अधिवक्ता एकत्रित हो गए वहां हार-जीत के बड़े-बड़े दावे तथ्यों के साथ पेश हो रहे हैं। इसी चुनावी चर्चा के बीच अधिवक्ताओं की अपनी मांगें भी हैं, जिन्हें राजनीतिक पार्टियां भी दरकिनार नहीं कर सकती।

युवा अधिवक्ताओं की चल रही चुनावी जिरह में दैनिक जागरण प्रतिनिधि भी अधिवक्ताओं के बीच बैठ गए। इसी दौरान अधिवक्ता दिलावर सिंह व सिमरन का कहना था कि प्रदेश की अलग हाई कोर्ट होनी चाहिए। जिससे प्रदेश के अधिवक्ताओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। इसके साथ ही अदालतों में प्रेक्टिस करने के लिए आने वाले अधिवक्ताओं को भत्ता मिलना चाहिए। अधिवक्ताओं को भी रिटायर होने पर पेंशन की सुविधा होनी चाहिए।

अधिवक्ता भूपिद्र सिंह व सुखविद्र का कहना था कि सरकार बनाने में अधिवक्ताओं का बहुत बड़ा रोल है। अधिवक्ता के पास हर तरह का व्यक्ति आता है और अधिवक्ता की बात को मानता भी है। कई बड़े राजनीतिज्ञ अधिवक्ता के पेशे से हैं। इसी बीच जिरह में कुछ बदलाव हुआ कि आखिर इस बार प्रदेश की राजनीति में क्या होगा। अधिवक्ता हीरा लाल, आशीष व अंजू का कहना था कि अब राजनीति में काफी परिवर्तन आ गया है। हर कोई विकास चाहता है। इसी विकास के नाते प्रत्याशी भी मतदाताओं को रिझाने में लगे हैं। हालांकि इस बार क्या होगा यह कहना अभी मुश्किल है, मगर जनता सही उम्मीदवार को ही चुनकर विधानसभा में भेजेगी।

Posted By: Jagran

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