जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : गेहूं खरीद शुरू हुए 20 दिन होने के बावजूद अधिकारी अभी तक भी उठान में तेजी नहीं ला पाए हैं। जिला भर की अनाज मंडियों से ठेकेदार पर नजराना वसूलने के आरोप लग रहे हैं। जिला में दो बड़ी मंडी थानेसर की नई अनाज मंडी और पिपली अनाज मंडी में ठेकेदार मनमर्जी से आढ़तियों के साथ-साथ किसानों को भी परेशानी भुगतनी पड़ रही है। सरकार के पोर्टल पर आढ़तियों ने 13 अप्रैल की गेहूं खरीद के बाद रेडी टू लिफ्ट का आप्शन दबा रखा है इसके बावजूद अभी तक गेहूं का उठान नहीं हो पाया है। इस मामले पर एक दिन पहले ही पिपली के आढ़तियों ने डीसी शरणदीप कौर बराड़ से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा है।

कम होने लगी आवक

गेहूं कटाई का सीजन करीब-करीब पूरा होने को है। ऐसे में पिछले तीन दिनों सें अनाज मंडियों में गेहूं की आवक कम हो गई है। इसके बावजूद उठान में तेजी न होने पर अनाज मंडियां गेहूं के कट्टों से अंटी पड़ी हैं। उठान न होने पर आढ़तियों ने भुगतान में देरी होने की बात कही है। हरियाणा राज्य अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के जिला सचिव हरविद्र बंसल ने कहा कि जब तक उठान नहीं होगा तब तक किसान को भुगतान नहीं हो सकता। उठान में देरी होने से किसान को समस्या झेलनी पड़ रही है।

अब तक 51 लाख क्विंटल की हुई खरीद

जिला भर की अनाज मंडियों से अभी तक 51 लाख 38 हजार 580 क्विंटल गेंहू की खरीद की गई है। इसमें से 28 लाख 68 हजार 440 क्विंटल गेहूं का उठान हो पाया है। एजेंसियों की ओर से खरीदी गई गेहूं में से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से 28 लाख 89 हजार 520 क्विंटल, हैफेड ने दो लाख 82 हजार 340, एफसीआई ने 47 हजार 330 क्विटल व हरियाणा वेयर हाउस ने एक लाख 19 हजार 390 क्विटल गेंहू की खरीद की है।

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