जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी सहमति से विवादों का मिटाने के लिए जिला अदालत परिसर में 398 मामलों का निपटारा किया गया। कुरुक्षेत्र, शाहाबाद व पिहोवा में पीठ का गठन कर 1127 मामले में राष्ट्रीय लोक अदालत में रखे गए थे। जिनमें से दोनों पक्षों की सहमति के बाद 398 मामलों का मौके पर ही निपटारा हुआ। इनमें प्री-लिटिगेशन के 439 मामले उठाए गए, जिनमें से 132 मामलों का निपटारा किया गया है और इन मामलों में 18 लाख 46 हजार 800 रुपये सेटलमेंट पास की गई है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं सीजेएम दुष्यंत चौधरी ने बताया कि न्यायालयों में लंबित पोस्ट-लिटिगेशन के मामलों में क्रिमिनल कंपाउंडेबल के पांच मामलों में पांच मामलों, एमएसीटी केस के 56 मामलों में 43 मामलों का निपटान करते हुए चार करोड़ 49 लाख 33 हजार की सेटलमेंट की गई है। एनआइ एक्ट के 21 में से दो मामलों, अन्य सिविल केस के 55 में से 27 मामलों का निपटान करते हुए 44 लाख 44 हजार 471 रुपये की सेटलमेंट हुई है। अन्य केसों में 551 में से 189 मामलों का निपटान करते हुए 63 हजार 450 रुपये की सेटलमेंट व निपटान किया गया है। उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 1127 मामलों में से 398 मामलों का निपटान करते हुए कुल पांच करोड़ 12 लाख 87 हजार 721 रुपये की सेटलमेंट की गई है।

इन मामलों में आपराधिक, सिविल, बैंक रिकवरी, वाहन दुर्घटनाएं, बिजली पानी से संबंधित, श्रम विवादों, वैवाहिक झगड़ो के मामलों का निपटारा किया गया है। इन केसों का अधिक से अधिक निपटारा करने के लिए एडीजे रजनीश शर्मा, एसीजेएम अमित कुमार ग्रोवर, एसडीजेएम शाहाबाद रवीश कौशिक, सिविल जज जूनियर डिवीजन संदीप कौर व स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष आरके डोगरा की पीठ का गठन किया था। आपसी सहमति से इन मामलों का निपटारा किया गया।

लोक अदालत में हुए फैसलों की आगे अपील नहीं की जा सकती है। दोनों पक्षों की सहमति से केसों का निपटारा होने से आपसी प्रेम भी बना रहता है।

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