जागरण संवाददाता, कुरुक्षेत्र : पुलिस ने मां बेटी को यूएसए भेजने के नाम पर 31.50 लाख की धोखाधड़ी के मामले में पांच में से एक आरोपित को ढाई साल बाद गिरफ्तार किया है। महिला ने न्याय के लिए डीजीपी को शिकायत की थी। इसके बाद ही पुलिस ने उस वक्त मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में एक महिला व एक इंस्टीट्यूट संचालक सहित चार लोग अभी भी फरार हैं।

जागृति पत्नी शमशेर सिंह वासी सेक्टर-7 कुरुक्षेत्र ने पुलिस महानिदेशक को शिकायत दी थी। उसने बताया कि मोहित कुमार, उसकी पत्नी सुप्रिया व सुभाष कुमार वासी सेक्टर-41डी चंडीगढ़, सुप्रिया का भाई राजेश जिदंल व चेतन्या इंस्टीट्यूट कुरुक्षेत्र के एमडी राजीव ने विदेश भेजने के नाम पर उनके साथ 31.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। उसने बताया कि वह अपनी बेटी को यूएसए भेजना चाहती थी। सुप्रिया पिछले 3-4 साल से उसकी अच्छी दोस्त थी। उसने बताया कि उनका इंस्टीट्यूट बच्चों को बाहर विदेश में पढ़ने के लिए भेजने का काम करता है। वहां पर बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी भी दिलवाते हैं। वह उसको और उसकी बेटी को भी बाहर भेज सकती है। उसकी पढ़ाई व काम दिलवाने की पूरी जिम्मेदारी उनकी होगी। वह 31.50 लाख रुपये देकर अपनी बेटी के साथ बाहर जाने के लिए तैयार हो गई। उसके बाद सुप्रिया ने उसका व उसकी बेटी का पासपोर्ट व अन्य जरूरी कागजात उनको दिए। उसने उनके कहे अनुसार 31.50 लाख रुपये अलग-अलग तारीखों में दे दिए, लेकिन आरोपितों ने उसको व उसकी बेटी को यूएसए नहीं भेजा। उन्होंने इसके बदले चेक भरकर दे दिए।ये सब बाउंस हो गए।

सीआइए की जांच में आरोपित गिरफ्तार

पुलिस प्रवक्ता रोशनलाल ने बताया कि थाना शहर थानेसर पुलिस ने 26 जुलाई 2018 को धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया था। इसकी जांच सेक्टर-7 चौकी को दी थी। अधिकारियों ने बाद में जांच सीआइए-टू को सौंप दी। प्रभारी मलकीत सिंह के निर्देशन में उप निरीक्षक बलवंत सिंह ने जांच की। पुलिस ने आरोपित मोहित कुमार को गुप्त सूचना के आधार पर बलटाना पंजाब से काबू किया। पुलिस ने आरोपित को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया।

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