संवाद सहयोगी, घरौंडा

हरियाणा शिक्षा बोर्ड की ओर से 10वीं व 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम घोषित हो चुके है। इनमें सरकारी स्कूलों के परीक्षा परिणाम बहुत ही ज्यादा ¨चताजनक है। घरौंडा ब्लॉक में 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम 53.74 प्रतिशत रहा। वहीं 10वीं का परीक्षा परिणाम महज 35.92 प्रतिशत पर ही सिमट गया। इनमें कुछ स्कूलों ने जहां 80 प्रतिशत तक रिजल्ट दिया, वहीं ब्लॉक के कुछ ऐसे भी स्कूल हैं जो मात्र 7 प्रतिशत तक ही रिजल्ट दे पाए। सरकारी स्कूलों के 547 विद्यार्थियों ने 12वीं कक्षा की परीक्षा दी थी। जिसमें से 294 छात्र ही पास हुए। जबकि 154 बच्चे फेल और 99 परीक्षार्थियों की रि-अपियर आई। वहीं 10वीं की परीक्षाओं में 1506 छात्र परीक्षा में बैठे। जिनमें महज 541 बच्चे ही पास हुए। इनमें फेल होने वालों का आंकड़ा 900 के पार है। 12वीं के परीक्षा परिणाम में गगसीना स्कूल की छात्रा रितू ही 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर पाई। बोर्ड की दोनों परीक्षाओं में खराब रिजल्ट का कारण ज्यादातर स्कूल अध्यापकों की कमी बता रहे हैं। वहीं कुछ स्कूल प्रबंधक पेपरों की गलत मार्किंग को भी जिम्मेदार ठहरा रहे है। उनका कहना है कि सरकार की ट्रांसफर नीति के कारण स्कूलों से अध्यापकों का आवागमन लगा रहा। जिस कारण असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा और परीक्षा परिणाम खराब आया।

12वीं के परीक्षा परिणाम में कोहंड स्कूल प्रथम

कस्बे के 12 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में से कोहंड स्कूल 87 प्रतिशत परीक्षा परिणाम के साथ कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम में पहले स्थान पर रहा है। जिसके 63 में से 55 विद्यार्थी पास हुए। वहीं फरीदपुर स्कूल ने 81.18 प्रतिशत के साथ दूसरा व बरसत स्कूल ने 65.27 प्रतिशत रिजल्ट पर क्षेत्र में तीसरा स्थान पर रहा। इसके अलावा अराइपुरां स्कूल का 54 प्रतिशत, मुनक स्कूल का 53.44 प्रतिशत, गगसीना का 50 प्रतिशत, बालरांगडान का 48.48, कुटेल स्कूल का 46.27, घरौंडा ब्यॉज स्कूल का 36.25, फुरलक स्कूल का 31.25 व कैमला स्कूल का 30.4 प्रतिशत ही रिजल्ट रहा। वहीं दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में ब्लॉक के 28 सेकेंडरी स्कूलों में से मात्र बसताड़ा स्कूल ही 80 प्रतिशत रिजल्ट देने में सफल रहा है। जबकि बरसत 75 प्रतिशत व अलिपुर खालसा स्कूल 68 प्रतिशत रिजल्ट के साथ दूसरे व तीसरे स्थान पर रहा है। इसके अलावा गांव फुरलक, कालरों व स्टौंडी स्कूल ऐसे है, जिनका परीक्षा परिणाम 7 से 9 प्रतिशत के बीच ही रहा।

वर्जन

बोर्ड की परीक्षाओं का परिणाम काफी ¨चताजनक है। जिसका मुख्य कारण स्कूलों में अध्यापकों का अभाव है। इन परीक्षा परिणामों को लेकर गहनता से मंथन किया जाएगा और स्कूल ¨प्रसिपलों से बात की जाएगी। भविष्य में इस प्रकार के परिणाम न देखने को मिले इसके लिए सख्त रूख अपनाया जाएगा।

-महाबीर ¨सह, खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी, घरौंडा।

Posted By: Jagran

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