जागरण संवाददाता, करनाल : हरियाणा शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति के बैनर तले पीटीआइ शिक्षक 38 दिनों से जिला सचिवालय के सामने धरने पर डटे हैं। पीटीआइ ने तीज त्यौहार को काला दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। 23 जुलाई को महिला शिक्षक काली चुनरी पहनेंगी तथा पुरुष शिक्षक माथे पर काली पट्टी बांध कर अपना गुस्सा जाहिर करेंगे।

राज्य महासचिव रविद्र बरानी, जिला प्रधान संदीप बलड़ी व हरियाणा शारीरिक शिक्षक संघ के जिला प्रधान सुशील हथलाना ने कहा कि हरियाणा सरकार ने 1983 पीटीआई को नौकरी से निकाल कर दो लाख लोगों पर रोजी रोटी का संकट खड़ा कर दिया है। शिक्षक होने के नाते वह भी इस तरह से सड़क पर नहीं बैठना चाहते थे मगर सरकार के तानाशाहपूर्ण रवैये उन्हें फुटपाथ पर बैठकर धरना देने को मजबूर कर दिया। जब तक उनकी नौकरी वापस नहीं मिलती वह सभी त्यौहार काला दिवस के रूप में ही मनाएंगे। बुधवार को क्रमिक अनशन पर बैठने वाले कर्मचारी नेताओं में जन स्वास्थ्य विभाग से लख्मीचंद, जयपाल, वेदप्रकाश, संजय व पूर्ण शामिल रहे। इस अवसर पर हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान अनिल सैनी, सर्व कर्मचारी संघ से जगतार सिंह, भाग सिंह, जनवादी महिला समिति की प्रधान तोषी, सीटू से बिजनेश राणा, सोमदत्त शास्त्री व एसपी त्यागी मौजूद रहे।

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