जागरण संवाददाता, करनाल

इस बार समय से पहले सर्दी की दस्तक से हरियाणा के कुछ हिस्सों में शीत लहर जैसे हालात बन सकते हैं क्योंकि तापमान लगातार नीचे जा रहा है। रात का तापमान कई हिस्सों में 11.0 डिग्री से भी नीचे चला गया है।वहीं हरियाणा में बरसात की स्थिति पर गौर किया जाए तो अक्टूबर महीना पूरी तरह से सूखा बीता और नवंबर के भी शुरुआती दिन शुष्क रहे। बिल्कुल भी बारिश नहीं हुई थी। नवंबर में हरियाणा के कुछ इलाकों में बारिश देखने को मिलती है। लेकिन इस सप्ताह बारिश होने के बिल्कुल भी आसार नजर नहीं आ रहे हैं। अनुमान है कि मौसम पूरी तरह शुष्क ही बना रहेगा। तापमान में हल्की गिरावट रहेगी जारी

मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में दिन और रात के तापमान में हल्की गिरावट इसी तरह से जारी रहेगी। समय से पहले सर्दी की दस्तक से हरियाणा के कुछ भागों में शीतलहर जैसे हालात बन सकते हैं। उत्तर-पश्चिमी दिशा से हवाएं चलने के कारण नमी कम रहेगी तथा आसमान साफ बना रहेगा। 6-7 नवंबर से हवाओं की रफ्तार में थोड़ी वृद्धि भी हो सकती है। करनाल, हिसार, नारनौल, कुरुक्षेत्र व अंबाला का तापमान सामान्य से नीचे चल रहा है। किसानों को सलाह, मौसमी सब्जियों की बुआई जल्द पूरी करें

कृषि विभाग का कहना है कि शुष्क मौसम को देखते हुए सुझाव है कि रबी फसलों की बिजाई जारी रखें। किसान शीघ्र ही गेहूं, जौ व मौसमी सब्जियों आदि की बिजाई पूरी करें। अगर खेतों में मंडूसी खरपतवार की समस्या होती है तो गेहूं की बिजाई के तुरंत बाद पैंडीमैथलीन 200 लीटर पानी में घोलकर प्रति एकड़ की दर से छिड़काव कर सकते हैं। गोभी, सरसों की बिजाई के लिए जीएससी-6, जीएससी-7, जीएसएल-1, जीएसएल-2 आदि किस्मों में से बीजों का चयन कर सकते हैं।

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