जागरण संवाददाता, करनाल : कुछ करने के जुनून के साथ लक्ष्य तय हो तो बड़ी से बड़ी बाधा भी पार की जा सकती है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया था राजस्थान के परवतसर तहसील के लिखियास गांव के गंगाराम पूनिया ने। कभी 12वीं कक्षा की पढ़ाई के लिए 10 किलोमीटर का सफर पैदल तय करते थे और अब वह मुख्यमंत्री मनोहरलाल के क्षेत्र में करनाल के एसपी होंगे। बात है आइपीएस गंगाराम पूनिया की, जिनका हिसार से करनाल तबादला हुआ है और वे बुधवार को यहां बतौर एसपी पदभार संभाल सकते है। हालांकि उनके सामने यहां अपराध पर अंकुश लगाना बड़ी चुनौती होगी लेकिन उनका कहना है कि चुनौतियों से ही जीवन जीना सीखा है और लोगों को शांतिपूर्ण माहौल देना डयूटी है। अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।

बता दें कि आरंभ में उनके परिवार की हालत ठीक नहीं थी। वह खेतीबाड़ी करते थे। पूनिया ने प्रारंभिक पढ़ाई गांव से की थी। वह 12वीं करने के लिए 10 किलोमीटर पैदल चलकर करकेड़ी गांव में राजकीय विद्यालय में पढऩे जाते थे। फिर पोस्ट ऑफिस में लिपिक की नौकरी करने लगे थे। दूसरी बार में सिविल सर्विस पास करने वाले गंगाराम हिसार से पहले फतेहाबाद, भिवानी रहे हैं। उनका जीवन बेहद संघर्षमय रहा। वह उनके लिए मिसाल भी हैं जो सुविधाओं के अभाव का हवाला दे मंजिल पाने से भटक जाते हैं। फोटो 63

एसपी भौरिया संभालेंगे सिक्योरिटी एवं सीआइडी

करनाल के एसपी रहे एसएस भौरिया अब सिक्योरिटी एवं सीआइडी में बतौर एसपी लगाए गए है। उन्हें कमांडो ट्रेनिग सेंटर नेवल का भी एडिशनल चार्ज दिया गया है। उनका करनाल में लंबा कार्यकाल रहा है। उन्होंने 27 अप्रैल 2018 को यहां एसपी के तौर पर पदभार ग्रहण किया था। 2006 से वह डीएसपी सिटी व हेडक्वार्टर रहे थे। बतौर एसपी उन्होंने कई बड़ी वारदातों को सुलझाया तो वहीं तमाम अपराधियों को सलाखों के पीछे भी पहुंचाया।

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