जागरण संवाददाता, करनाल : राजकीय अस्पताल और कल्पना चावला अस्पताल में डिलीवरी के लिए आई दो महिलाओं की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। इसके बाद दोनों संस्थानों के प्रबंधन में हड़कंप मच गया तो वहीं सीएम सिटी में सरकारी स्तर पर डिलीवरी की मौजूदा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। महिलाओं की मौत से दोनों परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई। गुस्साए स्वजनों ने डॉक्टरों पर घोर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। घटनाओं से भड़के स्वजनों ने मौके पर रोष जताया तो जमकर हंगामा किया। इस बीच पुलिस ने मामले की गहन जांच का भरोसा देते हुए उन्हें मुश्किल से शांत किया। दोनों शव पोस्टमार्टम के बाद स्वजनों को सौंप दिए। मामला उछलता देख दोनों संस्थानों के प्रबंधन की ओर से मामलों की जांच कराए जाने के दावे किए जा रहे हैं तो वहीं शहर में ये घटनाएं दिनभर चर्चा का विषय बनी रहीं। पहला मामला

गांव डबरकी कलां निवासी सोनू के अनुसार वह आठ माह 10 दिन की गर्भवती अपनी पत्नी ज्योति को कुंजपुरा स्वास्थ्य केंद्र लेकर गया था, जहां से उसे राजकीय अस्पताल करनाल में गत दिवस दोपहर करीब डेढ़ बजे दाखिल कराया। सोनू और अन्य स्वजनों ने आरोप लगाए कि डॉक्टरों ने उसकी समय पर देखरेख नहीं की और वह दर्द से कराहती रही। इसी दौरान शाम करीब साढ़े आठ बजे उसकी मौत हो गई। सोनू ने आरोप लगाया कि वह और अन्य स्वजन ज्योति से मिलने के लिए प्रयास करते रहे, लेकिन डाक्टरों ने उसे मिलने तक नहीं दिया। यहां तक कि उन्हें कोई जानकारी तक नहीं दी। जब उसकी मौत हुई तो उन्हें सूचना दे दी गई। दूसरा मामला

हांसी रोड निवासी करीब 32 वर्षीय महिला परमजीत कौर को गत दिवस उसके स्वजन अस्पताल में लेकर आए थे, जहां से उसे कल्पना चावला राजकीय अस्पताल में भेज दिया गया। वहां उसने करीब चार घंटे बाद बच्चे को ऑपरेशन के जरिये जन्म दिया, लेकिन उसकी हालत बिगड़ गई। महिला के पति बलबीर सिंह के मुताबिक रात करीब 11 बजे डॉक्टरों ने बताया कि उसकी मौत हो चुकी है, जबकि इससे पहले न उससे मिलने दिया और न ही उसकी हालत के बारे में कुछ बताया। आरोप है कि डाक्टरों की लापरवाही के चलते ही परमजीत की मौत हुई है। उन्होंने आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बता दें कि महिला के पहले दो बच्चे हैं और अब उसने तीसरे बच्चे को जन्म दिया। वहीं डाक्टरों ने इन आरोपों को आधारहीन करार दिया जबकि मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी सतपाल सिंह का कहना है कि शव का बोर्ड ने पोस्टमार्टम कराकर स्वजनों को सौंप दिया है। कमेटी करेगी घटना की जांच, बोर्ड ने किया पोस्टमार्टम

कल्पना चावला राजकीय अस्पताल के प्रवक्ता डा. गुंजन का कहना है कि मृतक महिला को पहले ऑपरेशन से दो बच्चे हो चुके थे, जबकि इस बार भी बच्चा ऑपरेशन से ही हुआ था। लगातार ऑपरेशन के चलते महिला का अधिक खून बहने लगा, जो ऑपरेशन के बाद भी नहीं रुक पाया। मृतक महिला के स्वजनों ने लापरवाही के आरोप लगाए हैं, जिसके चलते शव का पोस्टमार्टम बोर्ड की ओर से कराया गया तो वहीं प्रबंधन ने जांच कमेटी भी बना दी है, जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पूरे मामले की गंभीरता से जांच करेगी। रिपोर्ट के आधार पर अगली कार्रवाई की जाएगी। जिला सिविल सर्जन डॉ योगेश शर्मा का भी कहना है कि अस्पताल में महिला की डिलीवरी के दौरान हुई मौत के मामले की गहन जांच कराई जाएगी।

Posted By: Jagran

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