यशपाल वर्मा, करनाल: केंद्र सरकार के कृषि आय दोगुना करने और युवाओं को शिक्षा की राह पर ले जा रहे हैं आइटीआइ अनुदेशक रामबिलास। वे बाबू मूलचंद जैन औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में बतौर ट्रैक्टर मेकेनिक अनुदेशक हैं। उनकी खासियत यह है कि उन्होंने मृदा परीक्षण और फसल तकनीकी का सिलेबस तैयार किया। इसे कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग की ओर से प्रदेश की सभी आइटीआइ में लागू किया है। इस उपलब्धि के लिए रामबिलास को हरियाणा में इंजीनियरिग ट्रेड के लिए प्रशिक्षण महानिदेशालय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की ओर से सितंबर-2020 में कौशलाचार्य अवार्ड दिया गया।

अब वह सेंट्रल स्टाफ ट्रेनिग एंड रिसर्च इंस्टीच्यूट (सीएसटीएआरआई) कलकत्ता और नेशनल इंस्ट्रक्शनल मीडिया इंस्टीच्यूट (एनआईएमआई) चेन्नई ने मिट्टी की जांच और फसल उत्पादन से संबंधित ट्रेनिग मैटीरियल तैयार कर रहे हैं। उनका कहना है कि ट्रेनिग मैटिरियल से विद्यार्थियों और शिक्षकों को मृदा और कृषि सुधार में लाभ मिलेगा। विकसित होते कृषि खंड के क्षेत्र को बढ़ावा देना

युवाओं को शिक्षा के माध्यम से मृदा और कृषि सुधारों से अवगत कराने के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में मृदा परीक्षण और फसल तकनीकी ट्रेड शुरू की गई है। अनुदेशक रामबिलास के प्रयास से अब केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान करनाल के वैज्ञानिक भी विचार साझा करेंगे। आइटीआइ करनाल में ट्रेड सॉयल टेस्टिंग एंड क्राप टेक्नीशियन में बच्चों का बेहतर भविष्य है और आने वाले समय में इसकी मांग भी है। केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान के साथ एग्रीमेंट किया है, जिसके तहत कृषि सुधारों में विद्यार्थियों को बेहतर जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। शिक्षा के क्षेत्र में रामबिलास की उपलब्धियां

अनुदेशक रामबिलास बचपन से ही तकनीकी जिज्ञासा रखते हैं। कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग हरियाणा की ओर से तीन साल पहले मृदा परिक्षण और फसल तकनीकी की ट्रेड के लिए सिलेबस तैयार करना उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट रहा। मार्च में लॉकडाउन की घोषणा के बार आइटीआइ के प्रशिक्षणार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा की तैयारी के दौरान एक बार फिर विभाग ने अनुदेशक रामबिलास की सेवाएं ली। यह ऐसा समय था जब थोड़े समय में आसानी से समझ आने वाला सिलेबस तैयार करना था। ऑनलाइन पढ़ाया जा रहा है सिलेबस

विभाग के अधिकारियों की मांग पर कम समय में ऑनलाइन सिलेबस तैयार किया जो अभी भी ऑनलाइन कक्षाओं में विद्यार्थियों को पढ़ाया जा रहा है। डीजल मेकेनिक होने के बावजूद इस उपलब्धि पर विभाग के महानिदेशक राकेश गुप्ता के अलावा, कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के मंत्री डा. महेंद्रनाथ पांडेय की ओर से उन्हें प्रोत्साहित किया गया है। बदलाव के लिए हमेशा रहें तैयार

दैनिक जागरण से बातचीत में अनुदेशक रामबिलास ने बताया कि डीजल मैकेनिक से खेती के बारे सिलेबस तैयार करना चुनौती से कम नहीं था। उनका मानना है कि बदलाव के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए। कभी भी किसी तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। अपनी कार्यकुशलता के बल पर संस्थान के 300 से अधिक बच्चों को ट्रेनिग देकर रोजगार योग्य बनाया है।

Edited By: Jagran