संवाद सूत्र, जलमाना : असंध क्षेत्र में पिछले दिनों मानूसन सीजन में हुई दूसरी बरसात से क्षेत्र के जलमाना क्षेत्र में धान की हजारों एकड़ फसल डूबकर खराब हो गई। किसानों ने सरकार से खराब हुई फसल की स्पेशल गिरदावरी करवाकर उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है। बरसात के कारण असंध क्षेत्र में सबसे ज्यादा

नुकसान धान की फसल का हुआ है। लेकिन अभी तक सरकार द्वारा किसी भी तरह की कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। जिस कारण किसानों में सरकार के प्रति रोष है।

उपमंडल के गांव उपलानी, चकमुरीदीका, जलमाना, ठरी, कबूलपुरखेड़ा, कुड़लन, चोरकारसा सहित अन्य गांवों में ज्यादा नुकसान है। उपलानी के किसान फतेह सिंह, सुखविद्र सिंह, जगमाल, रिकू, ईश्वर सिंह, भाग सिंह, जगदीश पंच, दर्शन सिंह, चकमुरीदीका निवासी मुख्तयार सिंह, जस्सा सिंह, वीरेंद्र पाल, पवित्र सिंह ने बताया कि बरसात के पानी को खेतों से निकालने के लिए सिचाई विभाग द्वारा जो हांसी बुटाना नहर में पानी डालने की व्यवस्था की गई है वह ठीक न होने के कारण बाढ़ का निकलने की बजाए नहर का पानी खेतों में आ जाता है। किसानों ने मांग की है कि है कि नहर में जहां बाढ़ के पानी की निकासी के लिए दरवाजे लगाए गए हैं, उनकी जगह बढ़ी कैपेसिटी की मोटर या टयूबवेल व्यवस्था की जाए। ताकि किसानों का भारी बरसात के दौरान फसल का बचाव हो सके। वहीं विधायक शमशेर सिंह गोगी ने बताया कि डीसी निशांत यादव और मुख्यमंत्री मनोहर लाल को अवगत करवा चुके हैं। डीसी ने स्पेशल गिरदावरी किए जाने का आश्वासन दिया था, लेकिन आजतक शायद कुछ कार्रवाई नहीं हो पा रही है। जिस कारण इस एरिया के किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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