जागरण संवाददाता, करनाल

करनाल-कैथल रोड फोरलेन करने का काम शुरू कर दिया है। चिड़ाव मोड़ से लेकर कैथल तक करीब 60 किलोमीटर के टुकड़े को फोरलेन करने से पहले दोनों ओर से पेड़ों की कटाई का काम शुरू कर दिया है। पेड़ कटाई का काम पूरा होने होने के बाद इस पर निर्माण कार्य शुरू होगा। पीडब्ल्यूडी के मुताबिक करनाल-कैथल रोड को फोरलेन करने के लिए 163 करोड़ की धनराशि खर्च होगी। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पहले से की गई थी, लेकिन तीन कांट्रेक्टरों की टेक्नीकल बिड डिस्क्वालीफाई हो गई थी। इस कारण प्रोजेक्ट में देरी हुई है।

गौरतलब है कि फोरलेन के इस प्रोजेक्ट को वर्ष 2016 में मंजूरी मिल गई थी। अब दोबारा से टेंडर प्रक्रिया शुरू हुई है। करनाल-कैथल रोड पर फोरलेन को लेकर शुरू होने वाले कामों के लिए लोगों में खुशी है। सड़क बनाने के लिए काटे जाएंगे 12 हजार से अधिक पेड़

सीएम ने 2016 में करनाल से कैथल तक सड़क को फोर-लेन करने की घोषणा की थी। लगभग दो साल के करीब बीत जाने के बाद इस प्रोजेक्ट की सुध ली गई है। हालांकि इस कार्य के लिए पहले से पास हो चुका था, लेकिन फाइल अब केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय में अटक गई थी। सड़क बनाने के लिए वन विभाग को 12 हजार से अधिक पेड़ काटने हैं, लेकिन इसके लिए सरकार से अनुमति मिल गई है। इसलिए अटका हुआ था काम

नियम के अनुसार अगर किसी भी सड़क को फोर-लेन करना हो या सड़क के पास पेड़ काटने हों तो उतनी ही जगह वन विभाग को पेड़ लगाने के लिए दी जाती है। अब वह जगह भी विभाग को मिल चुकी है। जाम से मिलेगी मुक्ति, कम होंगे हादसे

करनाल-कैथल रोड फोरलेन होने का सबसे अधिक फायदा यह होगा कि वाहन चालकों को जाम से मुक्ति मिलेगी। चिड़ाव मोड़ से कैथल तक का 60 किलोमीटर का सफर आसान होगा। बस से यदि सफर करते हैं तो 60 किलोमीटर का यह सफर करीब पौने दो घंटे में तय होता है, लेकिन फोरलेन होने से महज 45 मिनट में दूरी तय हो जाएगी। इस समय वन-वे होने के कारण करनाल-कैथल रोड पर हादसों का ज्यादा खतरा रहता है। इस रोड पर लाइटें भी नहीं हैं। खासकर सर्दियों में धुंध के समय हादसों की संभावना ज्यादा बनी रहती है। वर्जन

करनाल-कैथल रोड को फोरलेन करने के लिए टेंडर कॉल किए थे। पिछले दिनों तीन कांट्रेक्टरों की टेक्नीकल बिड डिस्क्वालीफाई हो गई थी। अब टेंडर रिकॉल किए जा रहे हैं। फोरलेन के लिए पेड़ कटाई का काम शुरू हो गया है। 163 करोड़ रुपये का यह प्रोजेक्ट है। यातायात सुगम होगा। लोगों को जाम से मुक्ति भी मिलेगी।

दलेल ¨सह, कार्यकारी अभियंता, पीडब्ल्यूडी करनाल।

Posted By: Jagran