संवाद सहयोगी, घरौंडा : सड़कों पर गोवंश के कारण आए दिन वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। नगरपालिका ने पशु पकड़ने का अभियान शहर में चलाया है, लेकिन सीमा से बाहर सड़कों पर पशुओं को पकड़ने की कोई योजना नहीं है। सुभाष कुमार, पवन कुमार, राजेश, शिवम कुमार, पुरुषोत्तम, बृजेश कुमार, प्रवीन, गौतम का कहना है कि शहर में शायद ही ऐसी कोई जगह हो, जहां पर बेसहारा गोवंश न हो। सरकार और प्रशासन सड़कों पर गोवंश पकड़ने में फेल साबित हो चुके हैं। रात को सड़कों पर लगता है डर

सुभाष कुमार का कहना है कि सड़कों पर इन दिनों जो गोवंश डेरा जमाए हैं, उनमें अधिकतर का रंग काला है। इसके चलते रात को ये वाहन चालकों को नजर नहीं आते। गोवंश के गले या सींग में किसी तरह का रिफ्लेक्टर नहीं लगाया गया। बेसहारा पशुओं को छोड़ा गया गोशाला : रविप्रकाश

नपा सचिव रविप्रकाश शर्मा ने बताया कि गोवंश को पकड़ने के लिए लगातार अभियान जारी है। एक माह के भीतर नगरपालिका की ओर से लगभग 100 पशुओं को पकड़कर गोशाला भेजा गया है। गोशाला प्रधान महेंद्र गर्ग ने बताया कि 1800 पशुओं की क्षमता है, लेकिन यहां 2100 से अधिक गोधन मौजूद है।

Posted By: Jagran

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