संवाद सहयोगी, इंद्री : शहर में बंदरों का आतंक है। थाने में भी लोग सुरक्षित नहीं है। उत्तर प्रदेश निवासी किसान सुरेश पर थाना परिसर में ही बंदरों ने हमला कर दिया। आसपास के लोगों ने उसे उनके चंगुल से छुड़ाया। हमले के बाद भी बंदर भागे नहीं और मित्र कक्ष के बाहर काफी देर डेरा जमाए बैठे रहे। इस दौरान अंदर बैठे लोग बाहर नहीं निकल पाए। लोगों का कहना है कि बंदर छत पर सूख रहे कपड़ों को उठा ले जाते हैं। कई बार तो वह घर के अंदर से ही सामान उठा लेते हैं। नगरपालिका चेयरपर्सन प्रतिनिधि अमित गोयल का कहना है कि कई बार बंदर पकड़ने का अभियान चलाया गया है। फिर से इसे शुरू किया जाएगा।

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