जागरण संवाददाता, करनाल:

पहाड़ों में हो रही बर्फबारी से मैदानी क्षेत्र लगातार ठिठुर रहा है। दो दिन से मौसम भले ही साफ हो, लेकिन ठंड में इजाफा हुआ है। वीरवार को करनाल का न्यूनतम तापमान गिरावट के साथ 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। न्यूनतम तापमान इस सीजन के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है।

वीरवार को करनाल शिमला से भी ठंडा रहा। शिमला का तापमान 4.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जो करनाल की अपेक्षा ज्यादा है। इस सीजन की सबसे सर्द रात बुधवार की रात दर्ज की गई है। 6 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली शीतलहर ने भी रात की ठंड में इजाफा कर दिया। कृषि विशेषज्ञों ने इस ठंड को गेहूं की फसल के लिए बेहद फायदेमंद बताया है। वीरवार को अधिकतम तापमान 21.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है। हवा में नमी की मात्रा सुबह के समय 100 फीसदी व शाम के समय 61 फीसद दर्ज की गई। हवा का दबाव सुबह 6.5 फीसद दर्ज किया, जो शाम को बढ़कर 10.7 फीसद हो गया। हवा 3.2 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली। माइनस में पहुंचा ग्रास मिनिमम, जम सकता है पाला

न्यूनतम तापमान में गिरावट की वजह से ग्रास मिनिमम माइनस में पहुंच गया है। वीरवार को यह -1.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है। केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान के मुताबिक जमीन की डेढ़ इंच सतह के तापमान को ग्रास मिनिमम करते हैं। जब यह तापमान माइनस में चला जाता है तो पाला जमने की प्रबल संभावना हो जाती है। 2.0 से 3.0 डिग्री यह नार्मल होता है। शुक्रवार के क्षेत्र में धुंध छा सकती है। दिसंबर माह में किस वर्ष कितना न्यूनतम तापमान

वर्ष न्यूनतम तापमान

2010 3.4 डिग्री सेल्सियस

2011 1.2

2012 3.9

2013 0.2

2014 2.6

2015 3.4

2016 3.6

2017 4.6

2018 2.0

2019 1.5

2020 2.9 नोट:- ये आंकड़े आइएमडी की ओर से जारी किए हैं। अभी और सताएगी ठंड

मौसम विभाग के अनुसार अभी ठंड ओर सताएगी। मौसम साफ रहा तो न्यूनतम तापमान में ओर गिरावट आएगी। आने वाले चार दिनों में न्यूनतम तापमान में घटने से ठंड अपने चरम पर होती। दिसंबर माह के अंत व जनवरी माह के पहले पखवाड़े में सर्दी चरम पर होती है। इस पीरियड में अच्छी ठंड का गेहूं की फसल पर अच्छा प्रभाव पड़ता है।

Edited By: Jagran