जागरण संवाददाता, करनाल :

ग्रेंड मस्ती जैसी फिल्मों का बायकाट होना चाहिए। ऐसी मूवी समाज में गंदगी फैलाती हैं। इस तरह की फिल्म यदि 100 करोड़ रुपये कमाती हैं तो यह हमारी अपनी गलती है। यह बात पंचलाइट फिल्म की प्रमोशन के लिए रविवार को करनाल पहुंचे बालीवुड एक्टर यशपाल शर्मा ने कही। वह सेंसर बोर्ड पर भी जमकर बरसे। बोले-सेंसर बोर्ड भी क्रिएटिव काम में ही कट लगाता है। जबकि ग्रेंड मस्ती जैसी फिल्मों को पास कर दिया जाता है। यह सही नहीं है। इससे युवा गलत दिशा में जाएगा। ऐसी फिल्मों को बनाने में इतनी बड़ी राशि लगाना भी समझ से परे है। ऐसी ही फिल्म देखनी है तो आज सबके हाथ में मोबाइल हैं। पदमावती फिल्म को चल रहे विवाद पर यशपाल शर्मा ने कहा कि पहले वह फिल्म देखेंगे उसके बाद ही कुछ कह सकत हैं। जो फिल्म अभी देखी ही नहीं उस पर टिप्पणी क्या और कैसे करें। सेक्टर-14 में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पंचलाइट फिल्म के अभिनेता अमितोष नागपाल भी साथ थे। इसमें यशपाल शर्मा भी अहम भूमिका अदा कर रहे हैं। इससे पहले सुबह राहगीरी में भी दोनों अभिनेताओं ने राहगीरी में लोगों से अपने अनुभव सांझा किए और फिल्म देखने का आग्रह किया।

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जहां आज भी लाइट नहीं, वहां हुई शूटिंग

अमितोष नागपाल ने कहा कि मशहूर साहित्यकार फणीश्वर नाथ रेणु की कहानी पर आधारित फिल्म पंचलाइट 17 नवंबर को रिलीज हो रही है। 50 साल पुराने परिवेश में लिखी गई कहानी की शू¨टग एक ऐसे गांव में हुई है जहां आज भी बिजली नहीं है। उस समय में गांव में पंचलाइट के द्वारा ही रोशनी की जाती थी। आज इस फिल्म का निर्माण यह दर्शाता है कि परिस्थितियां जस की तस हैं और इस कहानी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि समाज में फैली विसंगतियां जो उस समय भी समाज में व्याप्त थी आज भी वो ज्यों की त्यों है। यह सामाजिक परिवेश पर कड़ा कटाक्ष है।

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कभी करनाल के गली कूचों में करते थे नाटक

खास बात यह है कि फिल्म के मुख्य नायक अमितोष नागपाल करनाल में पले बढ़े हैं। वह स्कूल व कॉलेज के समय में करनाल के गली कूचों में नुक्कड़ नाटक खेलते थे। अमितोष इससे पहले बेशर्म में रणबीर कपूर के साथ, आरक्षण में अमिताभ बच्चन के साथ, दबंग में सलमान के साथ अहम भूमिकाएं अदा कर चुके हैं। इसके अलावा बहुचर्चित फिल्म ¨हदी मीडिया में जिसमें इरफान मुख्य नायक थे के संवाद भी अमितोष ने ही लिखे थे। इससे पहले ओए लक्की, लक्की ओए गाना भी अमितोष ने ही लिखा था।

नाटक की दुनिया में बड़ा नाम

नाटक की दुनिया में अमीतोष बड़ा नाम है। उनके द्वारा वीलियम वर्डस वर्थ के मशहूर नाटक टवैलथ नाइट को ¨हदी में अनुवादित किया है। इस नाटक के देश-विदेश में 250 शो हो चुके हैं। अमितोष 13 नवंबर को खालसा कालेज में फिल्म की प्रमोशन के लिए जाएंगे। इस अवसर पर कृष्ण कुमार मलिक भी मौजूद रह

Posted By: Jagran