संवाद सूत्र, निगदू: जिले के वार्ड नंबर-7 से जिला परिषद सदस्य मीना चौहान ने जिला परिषद चेयरमैन ऊषा मेहला के पति चेयरमैन प्रतिनिधि संजय मैहला पर गलत तरीके से ग्रांट बांटने के आरोप लगाए। वह कई दिन से अस्पताल में उपचाराधीन थीं, जिसके बाद भी प्रतिनिधि यह काम किया। उन्होंने उच्चस्तरीय जांच की मांग भी उठाई।

वहीं तरावड़ी में पत्रकारों से बातचीत में मीना चौहान ने बताया कि प्रतिनिधि संजय मेहला की ओर से प्रस्तावित ग्रांट काटकर अन्य वार्ड के चहेतों में मोटी कमीशन के चक्कर में ग्रांट बांट दी गई। जितना भी पैसा वह अपने वार्ड के लिए दिलवाने में सक्षम रही हैं तो इसके लिए लड़ाई लड़नी पड़ी है। उन्होंने सवाल उठाया कि पार्षद निधि की ग्रांट को विधायक के नाम पर कैसे दिखाया जा सकता है? ग्रांट पार्षद निधि की होती है, लेकिन संबंधित जिला परिषद सदस्य को नदारद करके हल्के के विधायक से पत्थर लगवाना कहां तक सही है।

उन्होंने बताया कि ऐसा ही मामला पहले भी सामने आया था, जिसमें ग्रांट को लेकर गड़बड़ी की गई थी। उस समय पार्टी हाईकमान के साथ सांसद संजय भाटिया के संज्ञान में भी मामला लाया गया था। तब सांसद ने भी संज्ञान लिया था, लेकिन फिर गलत तरीके से ग्रांट बांटने का खेल खेला जा रहा है। सभी आरोप निराधार : संजय मेहला

जिला परिषद चेयरमैन प्रतिनिधि संजय मैहला ने कहा कि उनके ऊपर लगे सभी आरोप निराधार हैं। उन्होंने सही तरीके से ग्रांट का आवंटन किया है। पूरे जिले में करीब सात करोड़ रुपए की राशि भेजी गई है। जो कार्य काफी समय से बचे थे, प्राथमिकता पर उन कार्यों को लेकर ही ग्रांट बांटी गई है। सभी पार्षदों को समान ग्रांट मुहैया करवाई गई है।

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