जागरण संवाददाता, करनाल: एसटीएफ हिसार की टीम की ओर से प्रतिबंधित संगठन सिख फार जस्टिस के लिए काम करने के दो आरोपितों को पकड़े जाने से करनाल में भी हड़कंप मचा है। उत्तर प्रदेश से पंजाब जाते समय ये युवक करनाल में क्यों रूके और उनके यहां से क्या तार जुड़े है, इसके लिए पुलिस न केवल सर्तक है, बल्कि जांच भी कर रही है।

बता दें कि एसटीएम की टीम ने इंस्पेक्टर पवन कुमार की अध्यक्षता में तेजप्रकाश उर्फ काका और आकाशदीप सिंह उर्फ सोनू निवासी दौराहा जिला लुधियाना, पंजाब को सीएचडी सिटी के समीप स्थित नहर पुल के पास से काबू किया था। एसटीएफ ने यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की थी। आरोपितों की तलाशी ली तो तेजप्रकाश के बैग से दो पिस्तौल व दो कारतूस और आकाशदीप की जेब से तीन कारतूस बरामद किए थे। पूछताछ में आरोपितों ने माना था कि इनका संपर्क गुरमीत सिंह जो अमेरिका में रहता है, के साथ है। वह उन्हें संपर्क करके अपने धर्म के प्रति कट्टरता का संदेश देता था।

आरोप है कि गुरमीत सिंह ने मनीग्राम के माध्यम से लाखों रुपये आरोपितों के पास ट्रांसफर किए और इस पैसे से हथियार खरीदने और पंजाब में दो लोगों की हत्या करने को कहा था। उसी अनुसार ये आरोपित उत्तरप्रदेश से हथियार खरीदकर पंजाब जा रहे थे, लेकिन 23 दिसंबर को एसटीएफ के हत्थे चढ़ गए। हालांकि आरोपितों के खिलाफ सदर थाने में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर उन्हें चार दिन पुलिस रिमांड पर लेने के बाद अब जेल भेज दिया गया है और मामले की गहनता से जांच एसटीएफ हिसार ही कर रही है, लेकिन स्थानीय पुलिस भी यह मामला सामने आने के बाद अलर्ट मोड पर आ गई है। हर पहलू से की जा रही है जांच- एसपी

एसपी गंगा राम पूनिया का कहना है कि प्रतिबंधित संगठन से जुड़े दो आरोपित यहां से एसटीएफ हिसार की ओर से काबू किए जाने के बाद भले ही जांच भी वहीं टीम कर रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर भी पुलिस अलर्ट है। आखिर वे उत्तर प्रदेश से पंजाब जाते समय समय जीटी रोड पर करनाल क्यों रूके, इस संबंध में हर पहलू से जांच की जा रही है।

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