सेवा सिंह, करनाल

हमारे देश की सीमाओं की रक्षा सैनिकों के हाथों में सुरक्षित है और अनेक सैनिक मातृभूमि की रक्षा करते हुए प्राण न्यौछावर कर चुके हैं लेकिन पुलिस जवान भी इसी तर्ज पर फर्ज निभा रहे हैं। वे आतंकवादियों व बदमाशों का सामना भी पूरे जज्बे के साथ करते रहे हैं। इसी के चलते प्रदेश भर में 78 पुलिसकर्मियों को अपनी जान भी कुर्बान करनी पड़ी। इन शहीद पुलिसकर्मियों की बदौलत ही बदमाशों में खाकी का खौफ नजर आता है। पुलिस विभाग शहीदों के सम्मान में विशेष समारोह का आयोजन कर रहा है, जो 31 अक्टूबर तक जारी रहेगा। इस दौरान शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी तो उनके स्वजनों को सम्मानित किया जाएगा।

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जिला अनुसार शहीद पुलिसकर्मी

जिला----- शहीद पुलिसकर्मियों की संख्या

हिसार-- 9

सोनीपत- 9

जींद-- 8

करनाल-- 8

फरीदाबाद-- 2

अंबाला-- 3

यमुनानगर-- 7

कुरुक्षेत्र-- 4

पानीपत-- 3

झज्जर-- 5

रोहतक-- 6

हांसी-- 4

पलवल-- 2

भिवानी-- 2

नारनौल-- 1

फतेहाबाद-- 4

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जिला स्तर पर श्रद्वांजलि

पुलिस विभाग की ओर से जिला स्तर पर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। एडीजीपी मार्डनाइजेशन एंड वेलफेयर की ओर से 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाने के आदेश हैं। शहीदों की याद में मातमी धुन बजाकर शस्त्र उल्टे कर दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि दी जाएगी।

इसलिए मनाया जाता है पुलिस शहीदी दिवस

21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के होट स्प्रिंग इलाके में उप-पुलिस अधीक्षक कर्म सिंह तथा 20 सिपाहियों पर चीनी सेना ने हमला किया था, जिसमें 10 पुलिस जवान शहीद हुए थे। उसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने शहीद हुए अदम्य साहसी जवानों के सम्मान में 21 अक्टूबर को भारतीय पुलिस बल शहीदी दिवस के तौर पर मनाने की घोषणा की थी। हर साल इस दिन पुलिस व पैरामिलिट्री पुलिस के शहीद जवानों को याद कर उनसे प्रेरणा ली जाती है। जिले में पूरी तैयारी : एसपी

एसपी गंगाराम पूनिया का कहना है कि शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी, जिसके कार्यक्रम की पूरी तैयारी है। जिला मुख्यालय के साथ हरियाणा पुलिस अकादमी मधुबन में भी यह कार्यक्रम होगा।

Edited By: Jagran