जागरण संवाददाता, करनाल

जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष उमेश चानना ने मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के गांव दमोहा नाका से डेढ़ वर्ष पूर्व गुम हुए 12 वर्षीय शुभम को बुधवार को उसके अभिभावकों को सौंपा।

उन्होंने कहा कि यह देश के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य बनता है कि वे बच्चों के प्रति घटने वाले अपराधों के प्रति सजग रहें और बचपन को सुरक्षित करने में अपनी अहम भूमिका निभाएं। उन्होंने बताया कि शुभम लगभग 18 माह पहले घर से भाग गया था और करनाल पहुंच गया था। वह करनाल के मधुबन स्थित बाल सुरक्षा भवन में रह रहा था। शुभम के परिवार का पता लगाने के लिए क्राइम ब्रांच और जिला बाल कल्याण समिति के साझे प्रयास जारी रहे। आखिरकार शुभम के स्वजनों का पता चलते ही उन्हें सूचना देकर करनाल बुलवाया गया। बुधवार को करनाल पहुंचे शुभम के पिता मनमोहन कौरी को उनका बेटा सौंप दिया गया। इससे वे काफी भावुक हो उठे।

इस अवसर पर बाल कल्याण समिति की सदस्य निरूपमा सदर, शोभना चौधरी, मीना कांबोज, चंद्रप्रकाश, एमडीडी बाल भवन मधुबन की काउंसलर अमित, क्राइम ब्रांच से एएसआइ रामकुमार, हैड कांस्टेबल भूपेंद्र अन्य उपस्थित रहे।

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ऐसे मामले रोकने को मिलकर करें प्रयास

जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष उमेश चानना ने जोर देकर कहा कि कोई भी बच्चा परिवार से न बिछड़े, इसके लिए मिलकर प्रयास करने होंगे। बस या ट्रेन में अकेले जा रहे छोटे बच्चों से पूछना चाहिए कि वह कहां जा रहा है और कहां से आया है ? यदि लगे कि वह परिवार से बिछड़ गया है तो इसकी सूचना 100 नम्बर या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर अवश्य दें ताकि बच्चे के साथ भविष्य में कोई आपराधिक घटना न घटे और उसे परिवार से मिलाया जा सके।

Edited By: Jagran