जागरण संवाददाता, करनाल

भूस्वामियों को अधिगृहीत जमीन की कोर्ट से बढ़ाई मुआवजा राशि न देने पर कड़ा संज्ञान लिया। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश डॉ. चंद्रहास की अदालत ने एचएसवीपी पंचकूला के प्रशासक को कारण बताओ नोटिस भेजा है। इसमें भूमि अर्जन कलेक्टर, शहरी संपदा, पंचकूला के माध्यम से भेजकर निर्देश दिया कि पांच जनवरी को अदालत में व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित हों। अगर ऐसा नहीं किया तो यह समझ लिया जाएगा कि आपको इस संबंध में कुछ नहीं कहना है और फिर आपके खिलाफ कानूनी नियमों के तहत एक्शन लिया जाएगा। भूस्वामियों की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता शक्ति ¨सह ने अदालत को बताया कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने तरावड़ी में सेक्टर-एक स्थापित करने के लिए 30 जनवरी 2007 को भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा-चार के तहत गजट अधिसूचना जारी कर किसानों की भूमि अधिग्रहण की थी। यहां तत्कालीन भूमि अर्जन कलेक्टर ने 31 दिसंबर 2009 को बहुत कम मुआवजा राशि का अवार्ड-आठ घोषित किया था। इस अवार्ड के खिलाफ भूस्वामियों के दायर केसों को मंजूर करते हुए अतिरिक्त जिला न्यायाधीश विमल सपरा की अदालत ने 13 नवंबर 2013 को मुआवजा राशि को बढ़ाने का फैसला किया था। एचएसवीपी की बढ़ी बढ़ी मुआवजा राशि नहीं देने पर किसानों ने 2014 में याचिका दायर की थी, किंतु अभी तक एचएसवीपी ने मुआवजा राशि नहीं दी। इस पर कोर्ट ने कड़ा संज्ञान लेते हुए प्रशासक के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

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