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एसई गीतू राम तंवर आत्महत्या मामला: एमडी सहित 14 पर केस दर्ज, SIT करेगी मामले की जांच

Published: Tue, 01 Sep 2026 10:13 PM (IST)

निलंबित एसई गीतू राम तंवर आत्महत्या मामले में पुलिस ने एमडी समेत 14 लोगों के खिलाफ नई एफआईआर दर्ज की है।

नई एफआईआर में अब एमडी समेत 14 नामजद, एसआईटी करेगी जांच।

नई एफआईआर में अब एमडी समेत 14 नामजद, एसआईटी करेगी जांच।

HighLights

  1. निलंबित एसई गीतू राम आत्महत्या मामले में 14 लोगों पर एफआईआर

  2. बिजली निगम के एमडी समेत 14 लोगों को नामजद किया गया

  3. आईपीएस रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन हुआ

जागरण संवाददाता, करनाल। बिजली निगम के निलंबित एसई गीतू राम तंवर आत्महत्या मामले में पुलिस ने मंगलवार को नए सिरे से एफआईआर दर्ज कर ली। इसमें बिजली निगम के एमडी आईएएस विक्रम सिंह, एक एसई, तीन एक्सईएन, चार एसडीओ, एक अंडर सेक्रेटरी सहित 14 लोगों को नामजद किया है।

साथ ही मामले की जांच के लिए आइपीएस रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी एक माह में अपनी जांच पूरी कर लेगी और 10 दिनों में एसई को बहाल कर उनके पेंशन भत्ते जारी करा दिए जाएंगे।

वीडियो वायरल मामले की भी जांच इसमें शामिल रहेगी। इन आश्वासन के बाद स्वजन ने सहमति जताई और 33 घंटे के बाद शाम को अंतिम संस्कार कर दिया गया। बेटे स्वास्तिक और बेटी वृंदा ने चिता को मखाग्नि दी।

सात घंटे तक परिवार को मनाते रहे अधिकारी

आरोपितों की गिरफ्तारी से पहले अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़े परिवार के लोगों को मनाने के लिए प्रशासन को पूरे सात घंटे लगे। डीएसपी राजीव कुमार और एमडी शुगर मिल अदिति मनाने में जुटे रहे, लेकिन बात नहीं बनी। फिर एडीसी डॉ. राहुल रइया पहुंचे और उन्होंने स्वजनों के बीच बैठकर एसआईटी और भत्तों को लेकर अपनी बात रखी।

इसके बाद शाम 5 बजे परिजन अंतिम संस्कार को तैयार हुए। हालांकि, समाज के लोग अंतिम संस्कार नहीं कराना चाह रहे थे, बल्कि वे पहले गिरफ्तारी चाह रहे थे, लेकिन स्वजनों की सहमति के समाज के लोग नाराज होकर चले गए।

इनके विरुद्ध दर्ज हुआ केस

पुलिस की ओर से सोमवार को दर्ज एफआईआर में आरोपितों के नाम के आगे खाली जगह छोड़ दी गई थी। मंगलवार को पुलिस ने उसी एफआईआर नंबर 307 में एसई गीतू की पत्नी प्रीति की ओर से दी गई शिकायत को शामिल कर लिया। इसमें 14 आरोपित बनाए गए हैं।

इसमें आएएस एमडी यूबीएचबीवीएन विक्रम सिंह, एसई मनिंदर सिंह, एक्सईन रणबीर देशवाल, अश्विनी कौशिक, राज सिंह, एसडीओ सतीश गोयत, प्रदीप कुमार, आशीष, रूपेश और अंडर सेक्रेटरी मोहित भटनागर यूएचबीवीएन पंचकूला के नाम शामिल एफआईआर में हैं।

इनके अलावा नवीन दलाल, ओमबीर धनखड़, टीनू कोहंड और हरियाणा भाईचारा मीडिया संचालक के विरुद्ध बीएनएस की धारा 108,(आत्महत्या के लिए उकसाना) 351(3), 3(1) (जान से मारने की धमकी) व एससी एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

चार अधिकारियों को बताया मुख्य आरोपित

एसई गीतू राम की पत्नी ने एफआईआर में चार बिजली अधिकारियों को मुख्य आरोपित माना है। इनमें कार्यकारी अभियंता रणबीर देशवाल, कार्यकारी अभियंता अश्विनी कौशिक, एसडीओ सतीश गोयत और प्रदीप के नाम शामिल हैं। इन सभी पर आरोप हैं कि वे जातिगत भेदभाव रखते थे और मनमानी करते थे।

आरोपितों ने मिलीभगत कर सामान्य बात करते हुए सोनीपत डीसी कैंप आफिस में एक वीडियो बना ली और चार माह बाद उसे एडिट कर प्रसारित कर दिया। इसके बाद आरोपितों ने गीतू राम के खिलाफ सोनीपत शहर थाना में केस दर्ज कराया था। इनके साथ ही टीनू कोहंड ने जान से मारने की धमकी भी दी थी।

यह है मामला

निलंबित एसई गीतू राम ने सोमवार को की सुबह कार में में जहर निगल आत्महत्या कर ली थी। जाट और झौटा पर टिप्पणी की वीडियो वायरल होने पर पांच महीने पहले उन्हें निलंबित कर दिया था। 31 अगस्त को वह सेवानिवृत्त होने वाले थे। वह तीन पेज का सुसाइड नोट छोड़ गए थे।

स्वजन ने सोमवार देर सायं पोस्टमार्टम तो करा लिया था, लेकिन अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया था। एसई गीतू राम मूलरूप से भिवानी के केरू गांव के रहने वाले थे। लंबे समय से सेक्टर नौ स्थित हाउस नंबर 1731 में परिवार के साथ रह रहे थे। उनके परिवार में पत्नी सहित दो बेटियां और एक बेटा है।