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मांगें न मानने पर भड़का रोड़ समाज, 24 अगस्त को करनाल में विरोध; एसपी के निलंबन और विधायक के इस्तीफे पर क्यों अड़ा?

Published: Thu, 20 Aug 2026 08:36 AM (IST)

रोड़ समाज हर्ष एनकाउंटर मामले की जांच से असंतुष्ट है और 24 अगस्त को करनाल में विरोध प्रदर्शन करेगा।

रोड़ समाज का सरकार के खिलाफ आक्रोश (फाइल फोटो)

रोड़ समाज का सरकार के खिलाफ आक्रोश (फाइल फोटो)

जागरण संवाददाता, करनाल। हर्ष एनकाउंटर मामले की जांच के लिए सीएम नायब सिंह सैनी ने क्राइम ब्रांच एडीजीपी को जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन रोड़ समाज इस जांच से संतुष्ट नहीं है। रोड़ महासभा के प्रधान बलकार सिंह ने साफ कर दिया है कि रोड़ समाज ने सीबीआइ व सिटिंग जज से मामले की जांच की मांग की थी, इसलिए वह इस जांच से संतुष्ट नहीं है।

इससे अलग भी दो और मांगें समाज ने सीएम के सामने रखी थी। इनमें एसपी को सस्पेंड कर उसका तबादला करने और विधायक जगमोहन आनंद का इस्तीफा लेने संबंधित हैं। सरकार ने अभी तक उनकी एक भी मांग नहीं मानी है। सरकार ने उनसे दो दिन का समय मांगा था, चार दिन बीतने के बाद भी सरकार की ओर से उन्हें कोई जवाब नहीं मिला था।

इसलिए उन्होंने 18 अगस्त को रोड़ धर्मशाला करनाल में बैठक कर निर्णय लिया था कि 24 अगस्त को समाज के लोग सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। रोड़ धर्मशाला से समाज के लोग पैदल डीसी कार्यालय तक जाएंगे और फिर वहां राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौपेंगे। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से होगा।

सरकार को दिखाएंगे, रोड़ समाज कितना मजबूत है

प्रधान ने समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि युवाओं के साथ महिलाएं भी भारी संख्या में इस आंदोलन में पहुंचें। सरकार को दिखा दो कि रोड़ समाज कितना मजबूत है। रोड़ समाज अपने सम्मान के लिए एकत्रित होगा और शक्ति का प्रदर्शन करेगा। बलकार सिंह का दावा कि समाज एकजुटता के साथ संघर्ष करेगा तो यकीनन न्याय मिलेगा और वे न्याय लेकर ही रहेंगे।

21 अगस्त को है वाल्मीकि समाज की महापंचायत

वहीं, दूसरी ओर वाल्मीकि समाज ने भी 21 अगस्त को महापंचायत करने का ऐलान किया है। इस महापंचायत में वाल्मीकि समाज भी एक कमेटी बनाएगा और आगामी कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा। समाज के लोगों का कहना है कि वह भी विधायक, सांसद, मंत्री तक जाकर ज्ञापन सौंपेंगे।

गौर हो कि बीरू का शव उठाने से पहले समाज ने आर्थिक मदद, सरकारी नौकरी के साथ सुरक्षा को लेकर आर्म लाइसेंस की मांग की थी। समाज का दावा है कि अभी तक उनकी एक भी मांग पूरी नहीं हुई है।