संवाद सहयोगी, घरौंडा: करीब दो किलोमीटर लंबी मलिकपुर-घरौंडा सड़क पर रिटेनिग वाल बनाने का फैसला लिया है। सड़क के दोनों तरफ रिटेनिग वाल बनाने का निर्णय बर्म के लिए पर्याप्त जगह न होने के कारण लिया गया है। बर्म न होने के कारण सड़क टूटने और हादसों की संभावना बढ़ जाती है। सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पीडब्ल्यूडी अब रिटेनिग वाल बनाने का कार्य करेगा। लगभग तीन करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

नेशनल हाईवे से मलिकपुर गांव तक करीब दो किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया है। जीटी रोड से रेलवे फाटक तक 18 फीट चौड़ी तथा रेलवे फाटक से मलिकपुर गांव तक 12 फीट चौड़ी सडक बनाई है। ट्रैफिक के लिहाज से यह मार्ग काफी संकरा है और सड़क के साथ लगते खेत काफी गहरे है। रोड़ बनने के बाद सड़क के दोनों तरफ बर्म के लिए बेहद कम जगह बची है। रोड की कम चौड़ाई और साथ लगते खेतों का लेवल गहरा होने के कारण इस सड़क पर दुर्घटना का खतरा बना रहता है। हालांकि रिकार्ड के अनुसार इस मार्ग पर सड़क के लिए करीब 22 फुट चौड़ी जगह रखी गई है। ट्रक, बस, ट्रैक्टर ट्राली व डंपर जैसे बड़े वाहन इस सड़क पर एक साथ क्रास नहीं कर सकते। वही साथ लगते खेतों का लेवल गहरा होने की वजह से सड़क टूटने व वाहन चालकों को हादसे का डर अधिक रहता है। मलिकपुर रोड की स्थिति का मुद्दा रोड सेफ्टी की बैठक में उठाया गया था, जिसके बाद इस रोड के सुधार की योजना बनाई गई।

ट्रैफिक के दबाव को देखते हुए पीडब्ल्यूडी विभाग ने इस पूरे मार्ग को 18 फिट चौड़ा करने की प्लानिग तैयार की है। इस प्लानिग के तहत सड़क के दोनों तरफ रिटेनिग वाल बनाई जाएगी ताकि सड़क की चौड़ाई बढाई जा सके और सड़क खेतों में खिसकने से बची रहे। वहीं पीडब्ल्युडी विभाग के एसडीओ दिलबाग मेहरा ने बताया कि जीटी रोड से मलिकपुर गांव तक की दो किलोमीटर लम्बी सड़क का सुधार किया जाएगा। पूरी सड़क को 18 फिट चौड़ा किया जाएगा। साथ लगते खेतों की गहराई को देखते हुए करीब तीन करोड़ की लागत से सड़क के दोनों तरफ रिटेनिग वाल बनाई जाएगी।

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