संवाद सहयोगी, घरौंडा : गढ़ीखजूर गांव में सरपंच प्रतिनिधि पर जानलेवा हमले की घटना को 20 दिन का समय बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस अभी तक भी हमलावरों तक नहीं पहुंच पाई है। लिहाजा सरपंच एसोसिएशन में पुलिस की ढीली कार्रवाई से नाराजगी है। एसोसिएशन का कहना है कि एक जनप्रतिनिधि पर हमला होता है और पुलिस हमलावरों तक नहीं पहुंच पाती। ऐसे में किसी पर कहीं पर भी हमला हो सकता है। हलके में लॉ एंड ऑर्डर कायम रखने में पुलिस नाकाम साबित हो रही है।

मंगलवार को सरपंच एसोसिएशन के प्रधान अमर सिंह की अध्यक्षता में बीडीपीओ कार्यालय में मीटिग हुई। इसमें एसोसिएशन ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए है। प्रधान अमर सिंह, सरपंच शौकीन कुमार, महेंद्र सिंह अराईपुरा, नरेश कुमार, मेवा सिंह व अन्य का कहना है कि आज जनप्रतिनिधियों पर हमले हो रहे है। सरेआम मारपीट की जाती है फायरिग कर दी जाती है लेकिन 20 दिनों तक भी पुलिस हमलावरों का सुराग नहीं लगा पाती। ऐसे में कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लाजमी है। एसोसिएशन ने चेताया कि यदि जल्द से जल्द आरोपित हमलावरों का सुराग नहीं लगाया गया तो एसोसिएशन इस मामले को लेकर जल्द ही सीएम से मुलाकात करेंगे।

यह है मामला

बीती 21 मार्च की रात को कार में सवार हमलावरों ने छत पर खड़े सरपंच प्रतिनिधि टेकचंद पर फायरिग की थी। गोली सरपंच प्रतिनिधि के पास से निकल गई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी थी। लेकिन 20 दिन बाद भी पुलिस हमलावरों का कोई सुराग नहीं लगा पाई है। वर्जन-

सरपंच प्रतिनिधि पर हमले के मामले में कुछ लोगों को शक के आधार पर उठाया गया है। उप्र के कुछ हिस्सों में दबिश गई है। पूरा मामला सरपंच की नॉलेज में है। शीघ्र ही हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

-संदीप कुमार, थाना प्रभारी घरौंडा।

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