करनाल में बारिश में डूबी लहसुन की फसल, बचाने के लिए खोदा 12 फुट का गड्डा; उसी में डूबकर बच्चे की मौत
करनाल के फाजिलपुर गांव में बारिश के पानी से लहसुन की फसल बचाने के लिए खोदे गए 12 फुट गहरे ...और पढ़ें

गड्ढे में डूबकर बच्चे की मौत। फोटो जागरण
HighLights
फाजिलपुर में 12 फुट गहरे गड्ढे में बच्चा डूबा।
लहसुन की फसल बचाने के लिए खोदा गया था गड्ढा।
खेलते समय हुआ हादसा, परिवार में पसरा मातम।
संवाद सहयोगी, इंद्री (करनाल)। जिस उम्र में बच्चे खिलौनों से खेलते हैं, दोस्तों के साथ दौड़ते-भागते हैं और दुनिया को समझना शुरू करते हैं, उस उम्र में सात साल के देव की जिंदगी एक हादसे में खत्म हो गई। फाजिलपुर गांव के समीप खेतों में भरे बारिश के पानी से लहसुन की फसल बचाने के लिए खोदे गए 12 फुट के गड्ढ़े में गिरकर बच्चे की मौत हो गई। खेलते समय हुआ यह हादसा और परिवार की सारी खुशियां उजड़ गई।
सतीश कुमार परिवार के साथ फाजिलपुर गांव के आसपास रहते हैं। इन्हीं परिवारों में सात वर्षीय देव भी था। बताया जा रहा है कि देव अपने बड़े भाई कृष और हरी के साथ खेल रहा था। वे खेलते खेलते पांच घंटे पहले ही फसल को बचाने के लिए खोदे गए गड्ढ़े के पास पहुंच गए और इसी दौरान देव का पैर फिसल गया और वह गड्ढ़े में डूब गया। शोर बचाने पर स्वजन मौके पर पहुंचे।
इसके बाद बच्चे को पानी से बाहर निकालने के लिए प्रयास शुरू किए गए। स्थानीय लोगों की मदद से देव को गड्ढे से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। हादसे की सूचना पुलिस को भी दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और घटनाक्रम की जानकारी जुटाई।
एक गड्ढा और बुझ गया घर का चिराग
इस हादसे से ग्रामीण गमगीन है। उनका कहना है कि देव की मौत ने परिवार को ऐसा जख्म दिया है, जिसे शब्दों में बयां करना आसान नहीं। सात साल की उम्र में बच्चे की दुनिया स्कूल, खेल और परिवार के इर्द-गिर्द होती है। उसे क्या पता था कि खेतों के पास बना एक गड्ढा उसकी जिंदगी छीन लेगा।
मौके पर पहुंची पुलिस
पुलिस के जांच अधिकारी राजाराम ने बताया कि फाजिलपुर गांव के समीप खेतों में बने गड्ढे में बच्चे के गिरने की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची और बच्चे को गड्ढे से बाहर निकाला गया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। स्वजन के बयान के आधार पर नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
यह हादसा खेतों के आसपास खुले या पानी से भरे गड्ढों से पैदा होने वाले खतरे की ओर भी ध्यान दिलाता है। ऐसे स्थानों पर सुरक्षा के इंतजाम न होने से अनजाने में वहां पहुंचने वाले बच्चों के लिए जोखिम बढ़ सकता है।
