जागरण संवाददाता, करनाल : पुलिस कर्मचारी ने अपने साथी के साथ मिलकर बजीदा जाटान गांव निवासी युवक रोहताश की अपहरण करने के बाद हत्या कर दी। दोनों ने युवक की हत्या करने के बाद रोहताश का शव नहर में फेंक दिया। इन दोनों को शनिवार को गांव के कुछ लोगों ने रोहताश को जबरन बाइक पर बैठाकर ले जाते देख लिया था। इसके बाद उनका पीछा भी किया, लेकिन वह चकमा देकर निकल गए थे। बाद में ग्रामीणों ने दोनों आरोपितों इसी गांव के सुनील व नरुखेड़ी निवासी पुलिस कर्मचारी संदीप को करनाल की नई अनाज मंडी के पास से पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने सख्ताई से पूछताछ की तो दोनों ने बताया कि रोहताश को मारकर नहर में फेंक दिया था। दोनों की निशानदेही पर घोघड़ीपुर के पास स्थित पश्चिमी यमुना नहर से रविवार शाम करीब छह बजे शव बरामद कर लिया गया। पुलिस के अनुसार घोघड़ीपुर नहर पर लाकर रोहताश को जबरन शराब पिलाई। फिर उसे पानी लाने के लिए कहा। उसने पानी लाने से मना कर दिया तो उसे मारकर नहर में फेंक दिया। मृतक के पिता हवा सिंह का आरोप है कि शनिवार को सुबह साढ़े छह बजे अपहरण हुआ। ग्रामीणों ने दोनों आरोपितों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया। लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने दोनों आरोपितों के साथ नरमी बरती। जब ग्रामीण एकत्रित होकर रविवार सुबह थाने पहुंचे तो दोनों को सीआइए में भेजा गया। वहां जाते ही दोनों ने सच्चाई उगल दी। दूसरी ओर पुलिस सोमवार को दोनों आरोपितों को अदालत में पेश कर उनका रिमांड हासिल करेगी। ताकि इस मामले में सबूत एकत्रित किए जा सकें। पिता को चाय देकर खेत में जा रहा था रोहताश

मृतक रोहताश हाईवे स्थित एक राइस मिल में बतौर सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम करने वाले अपने पिता हवा सिंह को चाय देकर वापिस अपने खेत में जा रहा था। इसी दौरान नशे में चूर दोनों आरोपितों ने उसे जबरन अपनी बाइक पर बैठा लिया। फिर नहर पर जाकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस का कहना है कि रोहताश मानसिक तौर पर कमजोर था। लेकिन मृतक के पिता हवा सिंह ने कहा कि उसका पुत्र बेहद नरम स्वभाव का था। पुलिस अपनी ढीली कार्रवाई पर पर्दा डालने के लिए यह सबकुछ कह रही है। पुलिस ने की बेहद ढीली कार्रवाई

मृतक 22 वर्षीय रोहताश के पिता हवा सिंह ने बताया कि दुनार राइस मिल के पास स्थित बजीदेश्वर महादेव मंदिर के पास उसके पुत्र का सुनील व संदीप ने अपहरण किया। बाइक संदीप चला रहा था और बीच में उनके पुत्र को जबरन बैठा रखा था। इस बात का सबूत रास्ते में लगे एक सीसीटीवी कैमरे से भी मिल गया है। उसे जबरन ले जाते हुए गांव के लोगों ने देख लिया। पहले तो वह चकमा देकर निकल गए, लेकिन बाद में ग्रामीणों ने इन दोनों को पकड़कर मधुबन पुलिस थाने के हवाले कर दिया। वह कहते रहे कि इन दोनों से सख्ताई से पूछताछ की जाए, लेकिन शनिवार को पुलिस नहीं मानी। रविवार को ग्रामीणों ने दबाव बनाया तो दोनों को सीआइए में भेजा गया। जहां दोनों ने वारदात कबूल की। पंचकूला की पुलिस लाइन में कांस्टेबल है संदीप

नरुखेड़ी निवासी आरोपित संदीप पंचकूला की पुलिस लाइन में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत है। बताते हैं कि वह शनिवार सुबह नशे की हालत में था। जबकि दूसरा आरोपित बजीदा जाटान गांव निवासी सुनील दिहाड़ी-मजदूरी का काम करता है। अपहरण के साथ जुड़ जाएगी हत्या की धारा : एसएचओ

मधुबन थाना प्रभारी तरसेम चंद ने बताया कि दोनों आरोपितों के खिलाफ शनिवार को अपहरण का मामला दर्ज कर लिया था। अब अपहरण के साथ ही हत्या की धारा भी जोड़ दी जाएगी। आरोपित संदीप पंचकूला पुलिस में क्या काम करता है, इसका भी पता लगाया जा रहा है। रोहताश को जबरन बाइक पर बैठाकर दोनों आरोपित नहर पर ले गए। उस समय भी दोनों आरोपित नशे की हालत में थे। वहां जाकर भी दोनों ने शराब पी और रोहताश को भी पिलाई। जब दोनों ने उसे पानी लाने के लिए कहा तो उसने मना कर दिया। इस पर रोहताश को दोनों ने नहर में धक्का दे दिया। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। अभी हत्या की वजह सामने नहीं आई है।

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