जागरण संवाददाता, करनाल

सांझा साहित्य मंच की ओर से निर्मल धाम में मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में प्राचार्य मनोज गौतम पहुंचे। अध्यक्षता डा. रविद्र कुमार ने की। विशिष्ट अतिथि डा. कर्मजीत गौतम रहे। मंच संचालन प्रवीण जन्नत ने किया। डा. कर्मजीत गौतम ने सरस्वती वंदना गाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। गुरु पर्व पर सभी ने बाबा नानक को नमन किया। कवियों ने देशवासियों से अमन, शांति, भाईचारा, मानवता कायम रखने का आह्वान किया। इस मौके पर सतिद्र कुमार बोले समंद्र किनारे कुछ लोग बैठते हैं, कुछ कछुओं को साथ लेकर। विनोद शर्मा ने फरमाया मजहबी एकता को बढ़ाएंगे हम, राम मंदिर व मस्जिद बनाएंगे हम। कृष्ण कुमार निर्माण ने कहा खुशनुमा होकर तेरी खुशनुमाई में बैठे हैं, अपना बना लिया है तूने रूशनाई में बैठे हैं। सतिवंद्र कुमार ने फरमाया चयन दिखते दो मगर, ²ष्टि लिए है एक, सही दिशा में ²ष्टि तब, जब चितन हो नेक। कर्मजीत गौतम बोले एक कसक सी उठती है मन में तेरे लिए, एक और तू सबकी पर कोई नहीं तेरे

लिए। मनोज गौतम ने फरमाया मस्जिद बन गई मंदिर बन गया, अब तुम भी आजाओ राम, राम राज्य का स्वप्न अधूरा, आ कर पूरा कर जाओ राम। रविद्र कुमार

ने कहा बेईमान जमाना आ गया, सुनो नर और नारी, कोई किसी का न भाईचारा, मतलब की दुनियादारी। प्रवीण जन्नत ने कहा मस्जिद मंदिर बनाया या न बनाना जन्नत, मजहब के अटूट नाते सदा बनाए रखना। इस अवसर पर दुलीचंद रमन पाढ़ा ने फरमाया व प्रदीप मौण मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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