जागरण संवाददाता, करनाल : फार्मासिस्ट दूसरे दिन भी सामूहिक अवकाश पर चले जाने के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी दिखाई दी। नागरिक अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की भीड़ लगी, शाम चार बजे तक हालात सामान्य हो पाए। इसके अलावा सीएचसी व पीएचसी स्तर पर भी स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर नहीं लौटी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से वैकल्पिक इंतजाम जरूर किए गए थे, लेकिन वह नाकाफी दिखाई दिए। फार्मेसी काउंटर पर दवाईयां बांट रही स्टाफ नर्स के मामले में इसे फार्मेसी एक्ट 1948 का उल्लंघन बताया। फार्मासिस्ट वर्ग के लगातार दूसरे दिन सामूहिक अवकाश पर रहने से स्वास्थ्य सेवाएं पंगु बन कर रह गई हैं। स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ कहे जाने वाले इस वर्ग के काम छोड़ने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

जिला प्रधान रोहित कौशिक ने कहा कि फार्मासिस्ट वर्ग पूरे प्रदेश की जनता को हो रही परेशानी के लिए माफी मांगता है, पर सरकार ने उनकी लगातार अवहेलना करके गांव के इस डॉक्टर को यह कदम उठाने को मजबूर कर दिया है। सरकार जनता की परेशानी समझती तो फार्मासिस्ट वर्ग की लंबित मांग कब की पूरी कर देती, क्योंकि पूरे प्रदेश के फार्मासिस्ट 6 अगस्त से लगातार अपना विरोध जताते हुए धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकारी तंत्र ने स्वास्थ्य विभाग में सबसे ज्यादा काम करने वाले वर्ग को लगातार नीचे धकेलने का कार्य कर रहा है और सरकार भी जनता व जनता के नुमाइंदों की ना सुन अधिकारियों की सुन रही है। उन्होंने कहा कि फार्मासिस्ट वर्ग की मुख्य मांग 4600 ग्रेड पे की फाइल मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री की मंजूरी के बाद भी वित मंत्रालय में धूल फांक रही है। उसका हल किया जाए। प्रदर्शन के बाद फार्मासिस्टों ने डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. कुलबीर सिंह को ज्ञापन सौंपा।

हड़ताल जारी रही तो बढ़ सकती हैं दिक्कतें

अगर फार्मासिस्ट वर्ग का विरोध और आगे बढ़ता है तो स्वास्थ्य विभाग की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। क्योंकि चीफ फार्मासिस्ट व फार्मासिस्ट वर्ग द्वारा विभिन्न वार्ड व ऑपरेशन थिएटर, डिस्पेंसरी, इमरजेंसी वार्ड में दवाएं, पट्टी, कॉटन व अन्य चीजें खरीदकर उपलब्ध करवाते हैं जो डिमांड पर उपलब्ध करवाई जाती है। इसका स्टॉक 3 दिन तक रहता है व खत्म होने को है। हरियाणा मेडिकल सर्विस कारपोरेशन द्वारा दवाएं नाममात्र उपलब्ध करवाई जा रही हैं, बाकि लोकल लेवल पर फार्मासिस्ट वर्ग द्वारा मैनेज होती हैं। अगर विरोध बढ़ा तो ऑपरेशन व इमरजेंसी मरीजों की परेशानी बढ़ना तय है।

अन्य संगठन आए समर्थन में

फार्मासिस्ट के चल रहे सामूहिक अवकाश के समर्थन में अन्य संगठन भी आए हैं। इस कड़ी में फार्मासिस्ट संगठन एवं प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेज के फार्मासिस्ट संगठनों का समर्थन मिला। इस मौके पर मधुसूदन खुराना, राजेश गर्ग, अनिल कुमार, नरेश गर्ग, प्रदीप कुमार, राजेश सिगला, नरेश कुमार, मुकेश प्रभा, ममता रानी, राजवंती व अरविद कुमार मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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