जेएनएन करनाल। प्रसिद्ध फिल्‍म अभिनेता यशपाल शर्मा बाॅलीवुड फिल्‍मों में अश्‍लीलता से दुखी हैं। वह ऐसी फिल्‍मों के शानदार कमाई करने पर ताज्‍जुब में हैं। उन्‍होंने कहा कि ग्रैंड मस्ती जैसी फिल्मों का बायकाट होना चाहिए। ऐसी मूवी समाज में गंदगी फैलाती हैं। इस तरह की फिल्म यदि 100 करोड़ रुपये कमाती हैं तो यह हमारी अपनी गलती है। 

कहा, पंचलाइट फिल्म ग्रैंड मस्ती जैसी फिल्‍मों पर तमाचा

वह यहां पंचलाइट फिल्म के प्रमोशन के लिए पहुंचे थे। एेसी फिल्‍मों को प्रमाण पत्र देने पर वह सेंसर बोर्ड पर भी जमकर बरसे। उन्‍होंने कहा कि सेंसर बोर्ड भी क्रिएटिव काम में ही कट लगाता है। ग्रैंड मस्ती जैसी फिल्मों को बनाने में इतनी बड़ी राशि लगाना भी समझ से परे है। ऐसी ही फिल्म देखनी है तो आज सबके हाथ में मोबाइल हैं।

यह भी पढ़ें: पति-पति के गजब के झगड़े, चाय गर्म न मिला तो कोर्ट पहुंचा विवाद

पद्मावती फिल्म को चल रहे विवाद पर यशपाल शर्मा ने कहा कि पहले वह फिल्म देखेंगे उसके बाद ही कुछ कह सकते हैं। पत्रकारों से बातचीत के दौरान पंचलाइट फिल्म के अभिनेता अमितोष नागपाल भी साथ थे। फिल्‍म में यशपाल शर्मा भी अहम भूमिका अदा कर रहे हैं।

----------

जहां आज भी लाइट नहीं, वहां हुई शूटिंग

अमितोष नागपाल ने कहा कि मशहूर साहित्यकार फणीश्वर नाथ रेणु की कहानी पर आधारित फिल्म पंचलाइट 17 नवंबर को रिलीज हो रही है। 50 साल पुराने परिवेश में लिखी गई कहानी की शूटिंग एक ऐसे गांव में हुई है जहां आज भी बिजली नहीं है। उस समय में गांव में पंचलाइट के द्वारा ही रोशनी की जाती थी।

यह भी पढ़ें: हड्डियों की बीमारी की दवा कर रहे लोगों के दांत व जबड़ा कमजोर

आज इस फिल्म का निर्माण यह दर्शाता है कि परिस्थितियां जस की तस हैं और इस कहानी की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि समाज में फैली विसंगतियां जो उस समय भी समाज में व्याप्त थी आज भी वो ज्यों की त्यों है। यह सामाजिक परिवेश पर कड़ा कटाक्ष है।

--------

कभी करनाल के गली कूचों में करते थे नाटक

फिल्म के लीड रोल में दिखने वाले अमितोष नागपाल करनाल में पले बढ़े हैं। वह स्कूल व कॉलेज के समय में करनाल के गली कूचों में नुक्कड़ नाटक खेलते थे। अमितोष इससे पहले बेशर्म में रणबीर कपूर के साथ, आरक्षण में अमिताभ बच्चन के साथ, दबंग में सलमान के साथ अहम भूमिकाएं अदा कर चुके हैं। इसके अलावा बहुचर्चित फिल्म ङ्क्षहदी मीडिया में जिसमें इरफान मुख्य नायक थे के संवाद भी अमितोष ने ही लिखे थे। इससे पहले ओए लक्की, लक्की ओए गाना भी अमितोष ने ही लिखा था।

यह भी पढ़ें: अब मैकेनिकल इंजीनियरिंग से हड्डियों का इलाज, PGI में नया प्रयोग

Posted By: Sunil Kumar Jha