जागरण संवाददाता, करनाल : सरकार की घोषणाओं के साथ सुविधाओं का अभाव राजकीय स्कूलों में शिक्षकों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। नौबत यह आ गई है कि दिन में सर्वर धीमा होने के कारण ऑफलाइन भरे आवेदनों को शिक्षक रात को घर में अपलोड कर रहे हैं। अंतिम तिथि के चलते शिक्षकों पर अपने स्कूल के बच्चों का डाटा अपलोड करने का दबाव रहा और विभाग की तरफ से किसी तरह की राहत का प्रयास नहीं किया गया। 25 अगस्त से जिले के लगभग 750 से अधिक राजकीय स्कूलों में बच्चों के परिवार पहचान-पत्र बनाने और अपडेट करने के फरमान शिक्षकों को दिए गए हैं। दो सितंबर तक यह प्रक्रिया पूरी करनी थी। सर्वर धीमा होने व तकनीकी सहयोग न मिलने के कारण शुरुआती दिनों में शिक्षक हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। जब विभाग की तरफ से कोई सहयोग नहीं मिला तो शिक्षकों को घर में रात को डाटा अपलोड करना पड़ा। एक लाख से अधिक बच्चों की इंट्री मुसीबत

जिले के सरकारी स्कूलों में एक लाख से अधिक बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं जोकि कोरोना के चलते स्कूलों में नहीं जा रहे। इस दौरान सरकार के आदेश पर शिक्षकों को बच्चों के परिवार पहचान पत्र बनाने-अपडेट करने का आदेश दिया जाता है। यहां विशेष है कि जागरूकता के अभाव के कारण काफी बच्चे ऐसे हैं जिन्हें स्कूलों में आवेदन की जानकारी भी नहीं मिली है। अभिभावक विजय कुमार ने कहा कि एक सप्ताह से बेटे के स्कूल में फार्म भरे जा रहे हैं, लेकिन इस संबंध में स्कूल से उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई। कुछ अभिभावक ऐसे भी हैं जो स्कूल में डाटा अपलोड करवाने गए लेकिन घंटों इंतजार करने के बाद वापस लौट आए। शिक्षकों की मानें तो सरकार घोषणाएं कर देती है लेकिन सुविधाओं के अभाव की कोई सुनवाई नहीं की जाती। जिला स्तर पर अधिकारियों को सूचना लगातार दे रहे हैं। इसके बावजूद सर्वर में तेजी नहीं आई। अब रातभर जागकर घर में डाटा अपलोड करना पड़ रहा है। अंतिम तिथि तक सर्वर में सुधार नहीं

सरकारी स्कूलों में बीते सप्ताह भर से स्थिति सर्वर की हालत खराब चल रही है। उच्चाधिकारी इसका हल नहीं निकाल सके हैं। इस दौरान शिक्षक दिन भर साइट खोलकर डाटा अपलोड करने में जुटे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। शिक्षक अभिभावकों से कागजात लेकर रख रहे हैं और बाद में यदि साइट पर डाटा अपलोड करते हैं वेरिफाई करने के बाद यह सेव नहीं होता है। दिन भर शिक्षक बैठे रहते हैं जबकि डाटा ही अपलोड नहीं हो पा रहा है। हर सरकारी स्कूल में यही स्थिति देखने को मिल रही है। पिछले छह दिन से इस वेबसाइट पर लगातार दिक्कत आ रही है। दिन के समय सर्वर डाउन होने के कारण कंप्यूटर टीचर रात के समय फार्म अपलोड कर रहे हैं। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा ने बताया कि दो सितंबर तक परिवार पहचान पत्र बनाने के उच्चाधिकारियों के निर्देश मिले हैं। सर्वर धीमा होने के कारण ऑफलाइन आवेदन लिए गए थे, जिसे शिक्षक बाद में सर्वर से अपलोड कर रहे हैं। अभी स्पष्ट नहीं किया जा सकता कि सभी बच्चों का डाटा अपलोड हुआ या नहीं। उच्चाधिकारियों की तरफ से अंतिम तिथि के बाद समय सीमा बढ़ने के आदेश नहीं मिले हैं।

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