जागरण संवाददाता, करनाल

खुले आसमान के नीचे रैन बीताने वाले बेघरों को नगर निगम ने कुछ हद तक चैन दिलाने का इंतजाम किया है। ऐसे लोगों के लिए नगर निगम ने पांच अलग-अलग जगहों पर रैन बसेरों की व्यवस्था की है। निगम ने 12.50 लाख रुपये की लागत से पांच पोटा कैबिन मंगवाए हैं। अत्याधुनिक पोटा कैबिन में बिजली, पानी व शौचालय की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। पूरी तरह से रेडीमेड यह कैबिन शहर में अलग-अलग पांच जगहों पर रखवाए गए हैं। जहां पर बेघर लोग ठंड से बचाव के लिए रात के समय सो सकते हैं। काछवा ओवरब्रिज के नीचे इसको डेमो के तौर पर रख दिया गया है। अन्य चार कहां पर रखे जाने हैं इसकी लोकेशन भी निगम ने फाइनल कर दी है। हालांकि करनाल की रेडक्रॉस की बि¨ल्डग में रैन बसेरे की व्यवस्था पहले से है, लेकिन जगह छोटी होने के कारण यहां पर ज्यादा संख्या में लोग नहीं आ सकते थे। ऐसे में निगम ने पोटा कैबिन मंगवाने का निर्णय लिया है। एक पोटा कैबिन की कीमत ढाई लाख रुपये

पोटा कैबिन पूरी तरह से रेडीमेड है। कंटेनर की तरह दिखने वाले एक पोटा कैबिन की कीमत लगभग 2.50 लाख रुपये है। ऐसे में शहर में अलग-अलग जगह 100 से अधिक लोग इन पोटा कैबिन में रात को सो सकते हैं। ये पांच लोकेशन जो होंगी कवर

काछवा ओवरब्रिज के नीचे : क्योंकि स्टेशन के आसपास के बेघर लोग यहां पर आ सकते हैं।

निर्मल कुटिया के समीप, क्योंकि यहां पर पुल के नीचे बेघर लोग सोते हैं।

कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज : क्योंकि अस्पताल में कई बार मरीज के तिमारदारों को रूकने की जगह नहीं मिलती, ऐसे में यह कैबिन फायदेमंद होगा।

बस स्टैंड के समीप : क्योंकि सार्वजनिक स्थान है। काफी संख्या में बेघर लोग बस स्टैंड की लोकेशन के आसपास रहते हैं।

ओल्ड एमसीके रोड : शहर में रिक्शा चालक जिनके पास अपनी छत नहीं है, क्लॉक टावर के आसपास रहते हैं, उनको कवर किया जा सकेगा। रजाई-कंबल अपना, केवल छत मिलेगी।

पोटा कैबिन में कंबल या रजाई नहीं मिलेगी। जो यहां पर ठहरेगा उनको अपने गर्म कपड़े साथ लेकर आने होंगे। नगर निगम की तरफ से केवल कैबिन उपलब्ध कराया जाएगा। बिजली, पानी और शौचालय की सुविधा दी जाएगी। वर्जन

बेघर लोग सर्दी से कैसे बचे उसके लिए निगम ने पोटा कैबिन उपलब्ध कराएं हैं। पांच कैबिन आ चुके हैं। निर्धारित लोकेशन पर रखवाया जा रहा है। यहां पर लोग अपनी रजाई या कंबल लेकर सो सकते हैं। बिजली पानी व शौचालय की सुविधा भी मिलेगी। लगभग 12.50 लाख रुपये की लागत से यह कैबिन मंगवाए हैं। एक रैन बसेरा पहले से है, लेकिन बेघर की संख्या अधिक होने के कारण कैबिन मंगवाने का निर्णय लिया है।

रामजीलाल, अधीक्षक अभियंता, नगर निगम करनाल।

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